सेना के लड़ाकू टैंकों को नई ताकत देगा संस्कारधानी, रक्षा मंत्री रखेंगे नए प्लांट की नींव
जबलपुर। जबलपुर में रक्षा उत्पादन को नई दिशा देने के लिए 27 अगस्त को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का दौरा प्रस्तावित है। इस दौरान वे आर्मर्ड व्हीकल निगम लिमिटेड यानी एवीएनएल की प्रमुख इकाई व्हीकल फैक्ट्री जबलपुर में टी-72 युद्धक टैंक के आधुनिक ओवरहालिंग प्लांट की आधारशिला रखेंगे। इस नई सुविधा से सेना के टैंकों की मरम्मत और तकनीकी उन्नयन का कार्य स्थानीय स्तर पर संभव हो सकेगा। इससे पहले यह दायित्व तमिलनाडु के अवाडी स्थित हेवी व्हीकल फैक्ट्री में नए टैंक निर्माण के साथ पूरा किया जाता था। व्हीकल फैक्ट्री जबलपुर में इस काम की आधारभूमि लगभग 2 वर्ष पूर्व तत्कालीन मुख्य महाप्रबंधक एस के भोला के कार्यकाल में तैयार हुई थी। अब इसे पूर्ण आकार दिया जा रहा है।
अवाडी फैक्ट्री का भार कम करने की योजना
सेना की जरूरतों को गति देने के लिए रक्षा मंत्रालय ने उच्च स्तर पर यह महत्वपूर्ण फैसला लिया था। अवाडी स्थित कारखाने पर नए टैंक निर्माण का अत्यधिक दबाव था। इसलिए वहां से टैंकों के जीर्णोद्धार का कार्य पूरी तरह जबलपुर स्थानांतरित करने का निर्णय लिया गया, जिससे अवाडी इकाई पूरी क्षमता से केवल नए निर्माण पर ध्यान केंद्रित कर सके। जबलपुर फैक्ट्री को पूर्व में सौंपे गए टैंकों की मरम्मत में संस्थान ने सेना के सभी कड़े गुणवत्ता मानकों को शत-प्रतिशत पूरा करके अपनी तकनीकी दक्षता को साबित किया। इसी सफलता को देखते हुए यहां पूर्णकालिक ढांचा खड़ा किया जा रहा है।
रक्षा मंत्री के प्रवास को लेकर तैयारियां तेज
इस महत्वपूर्ण रक्षा परियोजना के भूमिपूजन का कार्यक्रम करीब 3 माह पूर्व तय हुआ था। उस दौरान रक्षा मंत्री की अन्य अपरिहार्य व्यस्तताओं के कारण यह प्रवास स्थगित करना पड़ा था। अब आगमन की संभावित तिथि तय होते ही व्हीकल फैक्ट्री प्रशासन ने परिसर में सभी जरूरी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है।
