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जबलपुर:पंचायत विभाग के बाबू पर लोकायुक्त की दबिश,पांच ठिकानों पर छापेमारी,बड़े निवेश का खुलासा



जबलपुर। जबलपुर और सिवनी में लोकायुक्त पुलिस ने भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। सिवनी स्थित क्षेत्रीय ग्रामीण विकास एवं पंचायत राज प्रशिक्षण केंद्र में पदस्थ लिपिक सुभाष शर्मा के ठिकानों पर लोकायुक्त की टीम ने तड़के रात 3 बजे एक साथ छापेमारी की। यह कार्रवाई आय से अधिक संपत्ति के मामले में की गई है। लोकायुक्त की अलग-अलग टीमों ने जबलपुर और सिवनी में फैले कुल 5 ठिकानों को एक साथ घेरा और छानबीन शुरू कर दी है। सुभाष शर्मा के जबलपुर स्थित त्रिमूर्ति नगर और गोविंद स्वीट्स एंड बेकरी के सामने बने आवास पर पहुंची टीम ने अहम दस्तावेजों को खंगालना शुरू कर दिया है। इस अचानक हुई कार्रवाई से महकमे में हड़कंप मच गया है और खलबली जारी है।

​चपरासी से लिपिक बनने का सफर और संपत्ति का खेल

​प्रारंभिक जांच में जो तथ्य सामने आए हैं वे बेहद चौंकाने वाले हैं। सुभाष शर्मा मूल रूप से विभाग में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी यानी चपरासी के पद पर भर्ती हुए थे। आज वे सिवनी के क्षेत्रीय ग्रामीण विकास एवं पंचायत राज प्रशिक्षण केंद्र में लिपिक के पद पर तैनात हैं। लोकायुक्त की टीम को जांच के दौरान उनके फार्म हाउस समेत कई महंगी चल और अचल संपत्तियों की जानकारी मिली है। छापे के दौरान टीम को घर से संपत्ति के कई अहम दस्तावेज मिले हैं। इसके साथ ही बैंक खातों और आभूषणों की भी गहन जांच की जा रही है। लोकायुक्त अधिकारियों का कहना है कि यह जांच अभी जारी है और बरामद संपत्तियों का आंकड़ा काफी बड़ा हो सकता है। फिलहाल टीम हर एक फाइल और निवेश की बारीकी से पड़ताल कर रही है ताकि भ्रष्टाचार का पूरा जाल सामने आ सके।

​पांच ठिकानों पर एक साथ लोकायुक्त का धावा

​लोकायुक्त की टीमों ने पूरी योजना के साथ यह छापेमारी की है। रात के 3 बजे जब सब लोग सो रहे थे तब टीम ने अचानक दबिश दी। इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य भ्रष्टाचार के खिलाफ सबूत जुटाना और आय से अधिक संपत्ति का सटीक आकलन करना है। जबलपुर और सिवनी में चल रही यह कार्रवाई भ्रष्टाचार के मामलों में अब तक की सबसे बड़ी कार्यवाहियों में से एक मानी जा रही है। मौके पर मौजूद अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जांच पूरी होने के बाद ही संपत्ति का वास्तविक मूल्य सामने आएगा। संबंधित विभाग के अन्य कर्मचारी भी इस कार्रवाई को लेकर अचंभित हैं। लोकायुक्त की इस दबिश ने उन सभी लोगों को कड़ा संदेश दिया है जो सरकारी पद का दुरुपयोग कर अवैध कमाई में लिप्त हैं। जांच की कार्रवाई अभी लगातार जारी है और आने वाले समय में कई और बड़े खुलासे होने की उम्मीद है।

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