जबलपुर । मध्यप्रदेश विद्युत कंपनियों के मुख्यालय शक्तिभवन में 80वां स्वतंत्रता दिवस समारोह गरिमामय वातावरण में आयोजित किया गया। एमपी पावर मैनेजमेंट कंपनी के प्रबंध संचालक और ऊर्जा सचिव विशेष गढ़पाले ने राष्ट्रीय ध्वज फहराकर परेड की सलामी ली। समारोह में पूर्व क्षेत्र कंपनी के प्रबंध संचालक अजय गुप्ता, पावर जनरेटिंग कंपनी के प्रबंध संचालक मनजीत सिंह, पावर ट्रांसमिशन कंपनी के प्रबंध संचालक सुनील तिवारी और पावर मैनेजमेंट कंपनी के कार्यपालक निदेशक फिरोज कुमार मेश्राम उपस्थित रहे। परेड कमान सुरक्षा निरीक्षक संजय सिंह और बैंड दल का नेतृत्व रमेश चंद्रावत ने किया, जबकि संचालन जनसम्पर्क अधिकारी पंकज स्वामी ने किया। ऊर्जा सचिव ने हर घर, खेत, उद्योग को रोशन कर प्रदेश को ऊर्जावान और आत्मनिर्भर बनाने का आह्वान किया।
बढ़ती बिजली मांग और उत्पादन विस्तार योजना
प्रदेश में घरेलू, व्यावसायिक और औद्योगिक उपभोक्ताओं को 24 घंटे तथा कृषि कार्य के लिए 10 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति प्राथमिकता से जारी है। वर्तमान में राज्य की विद्युत उपलब्धता क्षमता 26306 मेगावाट तक पहुंच चुकी है। भविष्य की आवश्यकताओं के लिए डीबीएफओओ मॉडल पर टीबीसीबी के माध्यम से 4000 मेगावाट ताप विद्युत क्रय की व्यवस्था की गई है। पावर जनरेटिंग कंपनी ने वित्तीय वर्ष 2024-25 में 28789.8 मिलियन यूनिट तथा 2025-26 में 29201.45 मिलियन यूनिट का उत्पादन किया। इस अवधि में न्यूनतम 69 ट्रिपिंग दर्ज हुई। अमरकंटक में 11476 करोड़ रुपए से 660 मेगावाट और सतपुड़ा में 11678 करोड़ रुपए से 660 मेगावाट की नई ताप विद्युत यूनिट स्थापित हो रही हैं, जिनसे 2030-31 से विद्युत मिलेगी। साथ ही 110 मेगावाट सौर ऊर्जा परियोजनाएं भी शुरू होंगी।
पारेषण दक्षता और वित्तीय प्रबंधन में कीर्तिमान
एमपी ट्रांस्को ने नियामक आयोग के 2.74 प्रतिशत लक्ष्य की तुलना में पारेषण हानियों को 2.60 प्रतिशत तक सीमित रखा। आयोग के 98 प्रतिशत मानक के मुकाबले प्रणाली की उपलब्धता 99.52 प्रतिशत दर्ज हुई। कंपनी ने पिछले वित्तीय वर्ष में 100756 मिलियन यूनिट बिजली का पारेषण किया और 13000 ट्रांसमिशन टावरों की ड्रोन पेट्रोलिंग शुरू की। इसके अतिरिक्त 21821 फाइबर-पेयर किलोमीटर नेटवर्क लीज पर देकर आय अर्जित की गई। स्टेट लोड डिस्पैच सेंटर को अंतरराष्ट्रीय प्रमाणीकरण मिला है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में पावर एक्सचेंज से 2009 करोड़ रुपए और 2026-27 में जुलाई तक 506 करोड़ रुपए की अतिशेष बिजली बेची गई। आगामी रबी सीजन के लिए 1823 मिलियन यूनिट बिजली की बैंकिंग की गई। कुसुम और सूर्य मित्र योजना में 4885 मेगावाट क्षमता के 1010 अनुबंध निष्पादित हुए।
जनजातीय कल्याण स्मार्ट मीटरिंग और कार्मिक सुधार
धरती आबा अभियान में 63 हजार जनजातीय नागरिकों के आवास और पीएम जन-मन से बैगा, सहरिया, भारिया समुदाय के 28 हजार घरों का विद्युतीकरण हुआ। प्रदेश में 1 करोड़ 34 लाख के लक्ष्य में से 40 लाख घरेलू स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। तीनों वितरण कंपनियों ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में 32831.45 करोड़ रुपए का राजस्व जुटाया, जो 5.69 प्रतिशत अधिक है। समाधान योजना में 29 लाख 81 हजार उपभोक्ताओं का 473 करोड़ 39 लाख रुपए सरचार्ज माफ हुआ। लक्ष्य निर्धारण के लिए संवाद कार्यशालाएं प्रारंभ की गईं। कार्मिक हित में 9 हजार से अधिक पदोन्नतियां हुईं, लाइन कर्मियों की आयु सीमा 55 से बढ़ाकर 62 वर्ष की गई, संविदा वेतन में 4.46 प्रतिशत वृद्धि और कैशलेस स्वास्थ्य बीमा लागू किया गया। बेहतर कार्य प्रदर्शन पर 110 अधिकारियों और कर्मचारियों को पुरस्कृत किया गया।
