khabar abhi tak

जबलपुर: टेलीकॉम फैक्ट्री में 5जी और रक्षा उपकरणों के निर्माण की उठी जोरदार मांग



जबलपुर। शहर की ऐतिहासिक और बंद पड़ी टेलीकॉम फैक्ट्री की जमीन का अब नए सिरे से उपयोग करने की मांग तेज हो गई है। फेडरेशन ऑफ मध्यप्रदेश चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के अध्यक्ष हिमांशु खरे ने एक बयान में कहा कि इस बड़ी भूमि और औद्योगिक ढांचे का उपयोग आधुनिक टेलीकॉम क्लस्टर तथा सेमीकंडक्टर चिप निर्माण केंद्र बनाने के लिए किया जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि इस दिशा में केंद्र और राज्य सरकार को मिलकर ठोस कदम उठाने की जरूरत है। इस मांग का समर्थन करने वाले फेडरेशन के अन्य प्रमुख कार्यसमिति सदस्यों में आशीष सक्सेना, कमल ग्रोवर, बलदीप मैनी, अरुण पवार और अशोक कपूर शामिल हैं। इन सभी का मानना है कि इस योजना से शहर में औद्योगिक विकास को नई रफ्तार मिलेगी।

​आधुनिक उपकरणों का होगा स्थानीय निर्माण

​देशभर में मेक इन इंडिया, डिजिटल इंडिया और आत्मनिर्भर भारत अभियानों को तेजी से बढ़ावा दिया जा रहा है। ऐसे दौर में जबलपुर की इस बंद फैक्ट्री का पुनरुद्धार एक बहुत बड़ा औद्योगिक अवसर साबित हो सकता है। यहां 5जी और 6जी नेटवर्क से जुड़े आधुनिक उपकरण, नेटवर्किंग इक्विपमेंट, राउटर, स्विच, ट्रांसमिशन उपकरण और अन्य टेलीकॉम हार्डवेयर का बड़े पैमाने पर निर्माण किया जा सकता है। इसके अलावा ऑप्टिकल फाइबर केबल, फाइबर टर्मिनेशन और अन्य जरूरी नेटवर्किंग उपकरणों का निर्माण एवं परीक्षण भी यहीं पर आसानी से संभव हो सकेगा। भविष्य की संचार तकनीकों, इंटरनेट ऑफ थिंग्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित नेटवर्क और स्मार्ट कम्युनिकेशन सिस्टम पर विशेष अनुसंधान एवं विकास केंद्र भी स्थापित किए जा सकते हैं। जबलपुर की रक्षा उत्पादन से जुड़ी पुरानी और मजबूत पृष्ठभूमि को देखते हुए डिफेंस इलेक्ट्रॉनिक्स तथा सर्विलांस उपकरणों के निर्माण से जुड़े उद्योग भी यहां सफलता पूर्वक स्थापित किए जा सकते हैं।

​युवाओं के लिए खुलेंगे रोजगार के द्वार

​शहर के उभरते युवाओं और स्टार्टअप्स को आगे बढ़ाने के लिए यहां इन्क्यूबेशन सेंटर, प्रोटोटाइप डेवलपमेंट लैब और टेक्नोलॉजी एक्सीलेटर स्थापित करने की भी पूरी योजना बनाई जा सकती है। इसके साथ ही टेलीकॉम स्किल एवं ट्रेनिंग सेंटर खोलकर स्थानीय युवाओं को 5जी, फाइबर ऑप्टिक्स, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग, नेटवर्किंग और टेलीकॉम मेंटेनेंस का विशेष प्रशिक्षण दिया जा सकता है जिससे उन्हें रोजगार के बेहतरीन अवसर मिल सकें। फेडरेशन ने केंद्रीय संचार मंत्रालय, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय तथा मध्यप्रदेश सरकार से आग्रह किया है कि वे इस टेलीकॉम फैक्ट्री की वर्तमान स्थिति, भूमि और भवनों का तकनीकी तथा व्यावसायिक अध्ययन कराकर एक विस्तृत डीपीआर तैयार करें। निजी क्षेत्र की सक्रिय भागीदारी से यहां नए उद्योग और प्रोजेक्ट लाने की एक ठोस कार्ययोजना बनाई जानी चाहिए। इस महत्वपूर्ण पहल से जबलपुर में हजारों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे, बड़े पैमाने पर निवेश आएगा, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों का विकास होगा और शहर देश के प्रमुख टेलीकॉम, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं डिफेंस इलेक्ट्रॉनिक्स टेक्नोलॉजी हब के रूप में गर्व के साथ स्थापित हो सकेगा।

Post a Comment

Previous Post Next Post
khabar abhi tak
khabar abhi tak
khabar abhi tak