जबलपुर। शहर की सड़कों पर इसी महीने से 22 अत्याधुनिक ई-बसें दौड़ती हुई नजर आएंगी। यह परिवहन सेवा केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना के अंतर्गत जेसीटीएसएल की देखरेख में शुरू की जा रही है। इसका मुख्य उद्देश्य शहर के वायु प्रदूषण पर प्रभावी ढंग से लगाम लगाना है। इन बसों के संचालन की पूरी तैयारी प्रशासन ने कर ली है। ऐसी प्रबल संभावना है कि मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव इस बस सेवा का विधिवत उद्घाटन करेंगे। ये ई-बसें शहर के साथ ही ग्रामीण अंचल के रिहायशी इलाकों में भी यात्रियों को सुविधा प्रदान करेंगी। इन बसों के रख-रखाव के लिए कठौंडा में विशेष चार्जिंग सेंटर बनाया गया है। एक बार चार्ज होने के बाद ये बसें 180 किलोमीटर का सफर आसानी से तय कर सकेंगी।
चालक और परिचालकों को दिया जा रहा प्रशिक्षण
इन अत्याधुनिक बसों का संचालन करने के लिए जिम्मेदार कर्मचारियों को विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। चूंकि ई-बसें तकनीक में पारंपरिक बसों से बिल्कुल अलग हैं, इसलिए ड्राइवरों को इनके संचालन के दौरान ध्यान रखने योग्य बारीकियों को समझाया जा रहा है। प्रशिक्षण के दौरान सुरक्षा मानकों और ड्राइविंग कौशल पर विशेष जोर दिया गया है। इसके साथ ही परिचालकों को भी नई तकनीक और व्यवहार कुशलता का पाठ पढ़ाया जा रहा है ताकि यात्रियों को कोई असुविधा न हो। प्रशासन का मानना है कि कुशल स्टाफ ही इस सेवा को सफल बना सकता है। बसें सुबह अपने निर्धारित समय पर डिपो से निकलकर तय रूटों पर चलेंगी। ड्राइवर और कंडक्टर को यह भी समझाया जा रहा है कि बस की बैटरी और अन्य तकनीकी पहलुओं की समय-समय पर जांच कैसे करनी है। यह पूरी प्रक्रिया परिवहन व्यवस्था को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए बेहद आवश्यक है।
डिजिटल टिकटिंग और ऑनलाइन भुगतान की आधुनिक सुविधा
यात्रियों के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए इस बार टिकटिंग व्यवस्था को पूरी तरह से कंप्यूटरीकृत किया गया है। अब पारंपरिक तरीके से टिकट लेने के बजाय यात्री आधुनिक सुविधाओं का लाभ उठा सकेंगे। मासिक पास बनवाने वाले यात्रियों को विशेष राहत मिलेगी और उनकी प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन व डिजिटल होगी। इससे न केवल समय की बचत होगी बल्कि पारदर्शिता भी बनी रहेगी। बसों में सफर करने वाले यात्रियों को यह सुविधा मिलेगी कि वे कैश के अलावा अन्य डिजिटल माध्यमों से भी किराया भुगतान कर सकें। जेसीटीएसएल ने इस पूरी व्यवस्था को यात्रियों के अनुकूल तैयार किया है। भविष्य में यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए बसों की संख्या में भी इजाफा किया जाएगा। कठौंडा स्थित चार्जिंग सेंटर पर बसों के मेंटेनेंस के लिए अत्याधुनिक उपकरण लगाए गए हैं। शहर के लोग इस नई सुविधा का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं क्योंकि इससे प्रदूषण मुक्त यात्रा के साथ ही परिवहन व्यवस्था में एक बड़ा बदलाव आएगा। यह आधुनिक बस सेवा न केवल शहर के नागरिकों के लिए बल्कि आसपास के ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए भी वरदान साबित होगी। इस योजना के सफल होने के बाद सार्वजनिक परिवहन के क्षेत्र में नई क्रांति देखने को मिलेगी।
