जबलपुर। विजय नगर थाना क्षेत्र की कृषि उपज मंडी में स्थित फर्म राकेश कुमार एजाज भाई के संचालक 57 वर्षीय मोहम्मद एजाज से महाराष्ट्र के मालेगांव निवासी आरिफ शेख और शरीफ शेख ने जान पहचान बनाकर 14,32,150 रुपये की ठगी कर ली। इनकम टैक्स चौक के पास रहने वाले पीड़ित व्यापारी की शिकायत पर पुलिस ने दोनों जालसाजों के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है। नवंबर 2025 में शहर आए इन दोनों आरोपियों ने योजनाबद्ध तरीके से व्यापारी से पहले संपर्क साधा और बाद में ऑनलाइन ट्रांसफर तथा एटीएम काम न करने का बहाना बनाकर बिना भुगतान किए भारी मात्रा में हरा मटर और लहसुन अपने साथ ले गए। तय समय पर रकम न मिलने के बाद पीड़ित ने पुलिस की शरण ली।
नकद खरीदी कर पहले जीता पूरा भरोसा
पीड़ित व्यापारी लंबे समय से आलू, प्याज और अन्य हरी सब्जियों की थोक आढ़त का काम संभालते हैं। बाहरी राज्य से आए दोनों संदिग्धों ने मंडी परिसर में पूरे 7 दिन का वक्त गुजारा था। इस अवधि में उन्होंने स्थानीय व्यापारिक गतिविधियों और आपूर्ति तंत्र को बहुत करीब से परखा। शुरुआत में आढ़ती से सीधा संपर्क साधकर बहुत छोटी मात्रा में माल खरीदा गया। उस सौदे का पूरा भुगतान तुरंत नकद कर दिया गया, जिससे आढ़ती को उनकी नीयत पर किसी तरह का कोई संदेह न हो। लगातार बातचीत और रोज मंडी आने के कारण दोनों ने खुद को बड़ा खरीदार साबित कर दिया। आढ़ती उनके शातिर बर्ताव को भांप नहीं सके और अगले बड़े आर्डर के लिए पूरी तरह सहमत हो गए।
तकनीकी खराबी का झांसा देकर माल हड़पा
बड़ा आर्डर तैयार होते ही शातिरों ने भुगतान के वक्त बैंकिंग सर्वर डाउन होने और नकदी निकासी न हो पाने का नया पैंतरा चला। उन्होंने माल को गंतव्य तक रवाना करने का दबाव बनाया और भरोसा दिलाया कि माल पहुंचते ही पूरा हिसाब चुकता कर दिया जाएगा। पीड़ित ने उनके पिछले व्यवहार को देखते हुए माल की लोडिंग करवा दी। गाड़ियां रवाना होते ही आरोपियों का रवैया पूरी तरह बदल गया और उन्होंने संपर्क साधना बंद कर दिया। कई हफ्तों तक तकादा करने पर जब कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला, तब व्यापारी को ठगी का अहसास हुआ। इसके बाद स्थानीय पुलिस प्रशासन को पूरे घटनाक्रम के बिल और प्रमाण सौंपे गए। पुलिस ने साक्ष्यों की जांच के उपरांत आरोपियों की धरपकड़ के प्रयास शुरू कर दिए हैं।
