नई दिल्ली. कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने देशभर के करोड़ों पीएफ खाताधारकों के लिए बड़ी खुशखबरी दी है. संगठन ने घोषणा की है कि 15 जुलाई तक करीब 34 करोड़ पीएफ खातों में वित्त वर्ष का 8.25 प्रतिशत ब्याज जमा किया जाएगा. इसके तहत लगभग 1.44 लाख करोड़ रुपये की ब्याज राशि सीधे खातों में ट्रांसफर की जाएगी. इस बार ब्याज जमा करने की प्रक्रिया नए सेंट्रलाइज्ड आईटी सिस्टम के जरिए होगी, जिससे पहले की तुलना में प्रक्रिया अधिक तेज और पारदर्शी बनने की उम्मीद है.
ईपीएफओ सिस्टम से बदल जाएगा पीएफ का पूरा अनुभव
इपीएफओ ने अपनी सेवाओं को आधुनिक बनाने के लिए CITES 2.01 (Centralized IT Enabled Services लागू किया है. इस नई व्यवस्था के तहत देशभर के सभी पीएफ खातों का डेटा एक केंद्रीकृत डेटाबेस में उपलब्ध रहेगा. पहले प्रत्येक क्षेत्रीय कार्यालय का अलग डेटाबेस होता था, जिसके कारण कई सेवाओं के लिए संबंधित कार्यालय पर निर्भर रहना पड़ता था. अब सदस्य किसी भी अधिकृत ईपीएफअओ कार्यालय से अपनी सेवाओं का लाभ ले सकेंगे.
एक ही पोर्टल पर मिलेंगी सभी जरूरी सुविधाएं
नए सिस्टम के लागू होने के बाद पीएफ खाताधारकों को कई सुविधाएं एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होंगी. अब सदस्य आसानी से अपना पीएफ बैलेंस, क्लेम स्टेटस, सेवा रिकॉर्ड और पेंशन से जुड़ी जानकारी ऑनलाइन देख सकेंगे. सबसे बड़ी खासियत यह है कि क्लेम दाखिल करने से पहले ही सिस्टम दस्तावेजों या जानकारी में मौजूद कमियों की पहचान कर देगा. इससे आवेदन में होने वाली गलतियां कम होंगी और क्लेम रिजेक्ट होने की संभावना भी घटेगी.
ऑटो क्लेम की सीमा बढ़ी, निकासी होगी आसान
ईपीएफओ ने ऑटो क्लेम सेटलमेंट की सीमा में भी बड़ा बदलाव किया है. अब पूरी तरह केवाईसी सत्यापित खातों में 5 लाख रुपये तक के एडवांस क्लेम स्वत: मंजूर किए जा सकेंगे. इससे पहले यह सीमा केवल 1 लाख रुपये थी. इसके अलावा, पीएफ निकासी से जुड़े 13 अलग-अलग नियमों को सरल बनाकर केवल तीन प्रमुख श्रेणियों में समाहित किया गया है. पात्र सदस्य अब अपने कुल पीएफ बैलेंस का 75 प्रतिशत तक निकाल सकेंगे.
नौकरी बदलने वालों को मिलेगा बड़ा फायदा
नई व्यवस्था नौकरी बदलने वाले कर्मचारियों के लिए भी राहत लेकर आई है. आधार से जुड़े यूएएल वाले खातों का पीएफ अब स्वत: नए नियोक्ता के खाते में ट्रांसफर हो जाएगा. इसके लिए अलग से आवेदन करने या पुराने और नए नियोक्ता से मंजूरी लेने की आवश्यकता नहीं होगी. साथ ही कर्मचारी की सेवा अवधि भी स्वत: अपडेट हो जाएगी, जिससे भविष्य में पेंशन और अन्य लाभ लेने में आसानी होगी.
पेंशनधारकों को भी मिलेगी नई सुविधा
नई डिजिटल व्यवस्था का लाभ ईपीएस पेंशनधारकों को भी मिलेगा. अब वे देश के किसी भी ईपीएफओ कार्यालय में लाइफ सर्टिफिकेट जमा कर सकेंगे और अन्य सेवाओं का लाभ उठा सकेंगे. इसके साथ ही Centralised Pension Payment System (CPPS) लागू होने के बाद पेंशन देश के किसी भी बैंक खाते में प्राप्त की जा सकेगी, चाहे संबंधित पेंशन फाइल किसी भी क्षेत्रीय कार्यालय में दर्ज हो.
अब ब्याज के लिए लंबा इंतजार नहीं
ईपीएफओ के अनुसार, नई व्यवस्था का एक बड़ा फायदा यह भी होगा कि खाताधारकों को ब्याज जमा होने के लिए पहले की तरह कई महीनों तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा. संगठन ने 15 जुलाई तक 8.25 प्रतिशत ब्याज खातों में जमा करने का लक्ष्य तय किया है. इसके अलावा, क्लेम मंजूर होने के दिन ही राशि सीधे बैंक खाते में भेजी जाएगी. खास बात यह है कि अंतिम भुगतान की मंजूरी की तारीख तक पीएफ पर ब्याज की गणना जारी रहेगी, जिससे सदस्यों को अतिरिक्त लाभ मिलेगा.
