नाले के अंदर से गुजर रही पेयजल पाइपलाइन
स्थानीय लोगों के अनुसार यह समस्या अचानक पैदा नहीं हुई है बल्कि पेयजल पाइपलाइन का नाले के भीतर होना ही इस गंदे पानी का मुख्य कारण है। बुधवार सुबह हुई पानी की सप्लाई में जब काला और कीचड़युक्त पानी आया तो लोगों की चिंता बढ़ गई। पानी में इतनी तेज दुर्गंध थी कि उसका उपयोग करना तो दूर पास बैठना भी मुश्किल हो गया। निवासियों ने नगर निगम पर आरोप लगाया कि पाइपलाइन को नाले के भीतर से ले जाना तकनीकी रूप से गलत और असुरक्षित है। पाइपलाइन में हुए किसी भी लीकेज का मतलब है सीधे नाले के गंदे पानी का घरों में पहुंचना। इस समस्या के कारण लोगों ने अपनी टंकियां और फिल्टर बंद कर दिए हैं क्योंकि पूरा सिस्टम दूषित पानी से भर चुका है। अब उन्हें मजबूरन पानी की सफाई के लिए अतिरिक्त खर्चा करना पड़ रहा है।
बीमारियों का खतरा बढ़ा, प्रशासन से त्वरित समाधान की मांग
दूषित पानी की आपूर्ति के कारण राजीव गांधी वार्ड में स्वास्थ्य संकट गहरा गया है। निवासियों का दावा है कि बीते कुछ दिनों से बड़ी संख्या में लोग पेट दर्द और उल्टी जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं। शुरुआती दिनों में बीमारी का कारण स्पष्ट नहीं था लेकिन पानी के रंग और गंध को देखकर अब सभी को यह भरोसा हो गया है कि इसके पीछे दूषित जल ही जिम्मेदार है। स्थानीय लोग चाहते हैं कि नगर निगम के जिम्मेदार अधिकारी और क्षेत्र के विधायक तत्काल मौके पर पहुंचें और पाइपलाइन की स्थिति का निरीक्षण करें। मांग की जा रही है कि नाले के भीतर से गुजर रही पाइपलाइन को तत्काल हटाया जाए और वैकल्पिक व्यवस्था की जाए। स्वास्थ्य विभाग को भी अलर्ट रहने की आवश्यकता है ताकि कोई बड़ा संक्रमण न फैले। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द सुधार नहीं हुआ तो स्थिति और भी भयावह हो सकती है।
