जबलपुर. व्हीकल फैक्ट्री जबलपुर (व्हीएफजे) में 2 जून मंगलवार की सुबह उस समय अजीब स्थिति हो गई, जब आमतौर पर एक दूसरे के खिलाफ राजनीति करने वाले मजदूर संगठन एकजुट नजर आये और यूनियनों के साथ अराजपत्रित और राजपत्रित अधिकारी एसोसिएशन के नेता मुख्य महाप्रबंधक (सीजीएम) के कार्यालय पहुंचकर नारेबाजी कर प्रदर्शन करते हुए धरने पर बैठ गए। बताया जाता है कि निर्माणी से बड़ी संख्या में राजपत्रित अधिकारी वर्ग-2 में आने वाले कनिष्ठ कार्य प्रबंधक (जेडब्लूएम) का स्थानांतरण कर दिया गया, जिससे उनमें जबर्दस्त आक्रोश है.
उल्लेखनीय है कि एवीएनएल ने बड़ी मात्रा में व्हीएफजे को उत्पादन का लक्ष्य दिया है। दूसरी ओर व्हीएफजे से लगातार कर्मचारियों और अधिकारियों को आवाडी स्थित मुख्यालय की फैक्ट्री में स्थाई रूप से भेजा जा रहा है। जिसके चलते कर्मचारियों और अधिकारियों की संख्या में लगातार गिरावट जारी है। ऐसे में एवीएनएल द्वारा दिया गया उत्पादन लक्ष्य कैसे पूरा होगा। काम न पूरा होने की स्थिति में पूरा ठीकरा उनके सिर पर फोड़ा जाएगा। कर्मचारी नेताओं का कहना है कि वैसे भी व्हीएफजे में अधिकारियों, कर्मचारियों की संख्या बहुत कम है। लगातार स्टाफ बढ़ाने की मांग की जा रही है, लेकिन प्रबंधन का कहना है कि निगम की ओर से अभी अधिकारियों, कर्मचारियों की भर्ती का कोई प्रावधान या मंजूरी नहीं है। सेवानिवृति भी लगातार बढ़ रही है। ऊपर से स्टाफ को स्थानांतरित किया जा रहा है।
उल्लेखनीय है कि व्हीएफजे में वर्तमान में टी-72 टैंकों की ओवर हालिंग काम चल रहा है। इसके साथ परंपरागत वाहनों का निर्माण और सेना की आवश्यकता के अनुरूप नये वाहनों को शोध एवं अनुसंधान कर बनाया जा रहा है। ताकि निर्माणी में काम की उपलब्धता सुनिश्चित रहे। सभी अधिकारी और कर्मचारी पूरे मनोयोग से उत्पादन लक्ष्य को प्राप्त करने में जुटे हैं। इसके बाद भी अधिकारियों और कर्मचारियों का तबादला किसी भी रूप में मंजूर नहीं है। कर्मचारियों के विवाद पर सीजीएम और अधिकारियों के साथ नेताओं की बैठक जारी है।
