जबलपुर। गोसलपुर थाना अंतर्गत टिकरिया निवासी 32 वर्षीय मजदूरी करने वाले शिशुपाल सिंह पर केवलारी फाटक के पास ट्रैक्टर हटाने की बात को लेकर मोटरसाइकिल सवार अक्षय माना और उसके दो अज्ञात साथियों ने चाकू से जानलेवा हमला कर दिया। फाटक बंद होने के कारण वाहनों की कतार में खड़े शिशुपाल से आरोपियों ने गाली-गलौज की और विरोध करने पर ट्रैक्टर से नीचे उतारकर मारपीट करते हुए पेट में चाकू घोप दिया। वारदात को अंजाम देकर तीनों आरोपी मौके से फरार हो गए, जिसके बाद गंभीर रूप से घायल युवक को पहले शासकीय अस्पताल और फिर वहां से तत्काल मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। सूचना पर पहुंची गोसलपुर थाना पुलिस ने पीड़ित का बयान दर्ज कर आरोपी अक्षय माना सहित उसके दो साथियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 296(बी), 109 एवं 3(5) के तहत मुकदमा दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी है।
केवलारी फाटक पर रास्ता रोकने की बात को लेकर बढ़ा विवाद
पीड़ित शिशुपाल सिंह ट्रैक्टर लेकर अपने खेत से वापस घर लौट रहा था। जब वह केवलारी फाटक के पास पहुंचा तो ट्रेन आने के कारण फाटक बंद था और वहां पहले से ही कई गाड़ियां लाइन में खड़ी थीं। शिशुपाल ने भी अपना ट्रैक्टर लाइन में लगा दिया। इसी बीच पीछे से एक मोटरसाइकिल पर सवार होकर अक्षय माना अपने दो अन्य दोस्तों के साथ वहां आया। उसने सामने रास्ता बंद होने के बावजूद शिशुपाल पर तुरंत ट्रैक्टर हटाने का दबाव बनाना शुरू कर दिया। जब शिशुपाल ने कहा कि फाटक खुलने के बाद ही गाड़ी आगे बढ़ पाएगी, तो तीनों आरोपी भड़क गए। वे बिना वजह गाली-गलौज करने लगे। जब युवक ने इसका विरोध किया, तो मामला शांत होने के बजाय और ज्यादा बढ़ गया।
आरोपियों ने युवक को ट्रैक्टर से नीचे खींचकर पेट में घोंपा चाकू
गाली-गलौज से शुरू हुआ यह मामूली विवाद कुछ ही देर में हिंसक रूप ले चुका था। तीनों आरोपियों ने मिलकर शिशुपाल को जबरन ट्रैक्टर से नीचे खींच लिया। इसके बाद उन्होंने उसे घेरकर बुरी तरह पीटना शुरू कर दिया। इसी मारपीट के दौरान मुख्य आरोपी अक्षय माना ने अपने पास रखा धारदार चाकू निकाला और सीधे शिशुपाल के पेट पर हमला कर दिया। चाकू लगते ही पीड़ित लहूलुहान होकर वहीं गिर पड़ा और चीख-पुकार मचने लगी। आसपास के लोगों को इकट्ठा होता देख तीनों हमलावर अपनी मोटरसाइकिल से मौके से तेजी से भाग निकले। स्थानीय लोगों की मदद से घायल को तुरंत नजदीकी शासकीय अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसकी गंभीर हालत को देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए जबलपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। पुलिस अब फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी कर रही है।
