हवाई सेवाओं की कमी से आम जन परेशान
जबलपुर के डुमना एयरपोर्ट से उड़ानों की संख्या कम होने से सबसे ज्यादा नुकसान व्यापारिक वर्ग को उठाना पड़ रहा है। सुबह की फ्लाइट होने से उद्यमी और व्यापारी दिल्ली जाकर अपना काम निपटाकर उसी दिन वापस लौट आते थे, लेकिन अब यह सुविधा समाप्त होने की कगार पर है। चिकित्सा या अन्य आपातकालीन स्थिति में दिल्ली जाने वाले मरीजों के लिए भी यह स्थिति चिंताजनक बन गई है। पिछले कुछ महीनों में शहर से संचालित होने वाली कई महत्वपूर्ण उड़ानों पर पहले भी कैंची चलाई जा चुकी है, जिससे हवाई कनेक्टिविटी पर बुरा असर पड़ा है। इस बार इंडिगो द्वारा किए गए बदलाव ने यात्रियों के सामने यात्रा का कोई अन्य विकल्प नहीं छोड़ा है। नागरिक हलकों में इस स्थिति को लेकर भारी आक्रोश देखा जा रहा है।
सांसद ने दी चेतावनी क्षेत्र की अनदेखी न करें
राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से इंडिगो प्रबंधन को घेरते हुए सीधे सवाल किए हैं। उन्होंने पूछा है कि किस आधार पर दिल्ली की फ्लाइट्स में इतनी भारी कटौती की गई है। सांसद ने इस निर्णय के पीछे के तर्कों को गलत बताते हुए इसे क्षेत्र की जरूरतों के विरुद्ध बताया है। जबलपुर एक बड़े जनसंख्या क्षेत्र का केंद्र है और यहां से दिल्ली की कनेक्टिविटी अत्यंत आवश्यक है। सांसद ने उड़ानों की स्थिति को स्पष्ट करते हुए एयरलाइन प्रबंधन को चेतावनी दी है कि वे क्षेत्र की अनदेखी न करें। अब देखना यह है कि इंडिगो प्रबंधन सांसद की इस मांग पर क्या कदम उठाता है और यात्रियों को राहत मिलती है या नहीं।
