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कारतूस गायब होने के बयान पर घिरे विधायक, हाईकोर्ट ने दो हफ्ते में मांगा जवाब



विधायक संजय पाठक पर मानहानि मामले में हाईकोर्ट सख्त, सरकार से मांगा जवाब

जबलपुर। मध्य प्रदेश के कटनी जिले की विजयराघवगढ़ विधानसभा सीट से भाजपा विधायक संजय पाठक की कानूनी मुश्किलें एक बार फिर बढ़ गई हैं। जबलपुर स्थित मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने कटनी के हथियार कारोबारी नाजिम खान द्वारा दायर एक मानहानि याचिका पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार को नोटिस जारी कर दो सप्ताह में जवाब तलब किया है। जस्टिस प्रमोद कुमार अग्रवाल की एकल पीठ ने शुक्रवार को इस संवेदनशील मामले की सुनवाई के बाद अगली तारीख 6 जुलाई तय की है। याचिकाकर्ता का आरोप है कि भाजपा विधायक ने सार्वजनिक रूप से उन पर बेहद गंभीर और मनगढ़ंत लांछन लगाए, जिससे समाज में उनकी छवि धूमिल हुई है। पुलिस द्वारा शिकायत पर कोई ठोस कदम नहीं उठाए जाने के बाद पीड़ित ने न्याय के लिए उच्च न्यायालय की शरण ली है।

​विधायक के बयानों से हथियार डीलर की सामाजिक साख को लगा बड़ा झटका

​अदालत में सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता नाजिम खान के वकील ने दलील दी कि विधायक संजय पाठक ने उनके मुवक्किल के खिलाफ जो भी टिप्पणियां की हैं, वे पूरी तरह आधारहीन और काल्पनिक हैं। याचिका में विधायक के उन विवादित बयानों का पूरा ब्यौरा दिया गया है, जिनमें उन्होंने खुले मंच से दावा किया था कि आर्म्स डीलर के स्टॉक से 14000 कारतूस गायब हैं। इसके साथ ही विधायक ने कारोबारी पर अवैध हथियारों की खरीद-फरोख्त में लिप्त होने के संगीन आरोप भी मढ़े थे। इन आरोपों को पूरी तरह झूठा बताते हुए याचिकाकर्ता ने कहा कि इससे उनके व्यापार और प्रतिष्ठा को अपूरणीय क्षति पहुंची है।

​पुलिस की निष्क्रियता के बाद पीड़ित ने खटखटाया उच्च न्यायालय का दरवाजा

​इस पूरे विवाद में एक नया मोड़ तब आया जब याचिकाकर्ता के वकील ने कोर्ट को बताया कि विधायक के इन बयानों के बाद सबसे पहले कटनी पुलिस को लिखित शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की गई थी। स्थानीय पुलिस प्रशासन द्वारा इस पर कोई संज्ञान नहीं लेने के कारण अंततः हाईकोर्ट में याचिका लगानी पड़ी। गौरतलब है कि इससे पहले हुई सुनवाई के दौरान जस्टिस विशाल मिश्रा ने खुद को इस मामले से अलग कर लिया था, जिसके बाद यह केस जस्टिस प्रमोद कुमार अग्रवाल की बेंच को सौंपा गया। अब कोर्ट के कड़े रुख के बाद राज्य सरकार को निर्धारित समय सीमा के भीतर अपना पक्ष रखना होगा।

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