पुलिस के अनुसार तीन दिन पहले घर के एक कमरे में 10 बोरी गेहूं रखा गया था। अनाज को कीड़ों से बचाने के लिए उसमें जहरीली दवा डाली गई थी। उसी कमरे से उठ रही तेज दुर्गंध के कारण बच्चों की तबीयत बिगडऩे लगी। बीती देर रात बच्चों को उल्टियां शुरू हुईं। शुरुआत में परिजनों को लगा कि सामान्य परेशानी होगी, लेकिन कुछ ही घंटों में उनकी हालत गंभीर होने लगी। शनिवार सुबह परिजन चारों बच्चों को बांदकपुर स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे। यहां प्राथमिक इलाज के बाद डॉक्टरों ने हालत गंभीर देखते हुए उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया। वहां पहुंचने पर डॉक्टरों ने 5 वर्षीय धर्मेंद्र को मृत घोषित कर दिया। परिजनों का कहना है कि बच्चों की मां की तबीयत भी खराब हो गई है। उन्हें भी उल्टियां होने की शिकायत के बाद जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।