जबलपुर। रांझी क्षेत्र में हुए चर्चित सिविल इंजीनियर क्लारेन्स एटकीन्स हत्याकांड के फरार मुख्य आरोपी प्रिंस नेल्सन उर्फ आशीष नेल्सन को रांझी पुलिस ने उसके 16 वर्षीय विधि-विवादित बाल सहयोगी के साथ गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने इनके पास से 1 देशी ऑटोमेटिक पिस्टल, 2 कारतूस और वारदात में इस्तेमाल की गई मोटर साइकिल भी जब्त की है। पुलिस अधीक्षक जबलपुर सम्पत उपाध्याय द्वारा आरोपी पर 10000 रुपये और पुलिस उप महानिरीक्षक जबलपुर रेंज अतुल सिंह द्वारा 20000 रुपये का ईनाम घोषित किया गया था। इस सनसनीखेज वारदात का मुख्य साजिशकर्ता प्रिंस का पिता बाबा नेल्सन उर्फ विकास नेल्सन है, जिसने अपने बेटे और अन्य साथियों के साथ मिलकर इस हत्या की साजिश रची थी, जो अभी फरार है।
गोरखपुर की ईसाई कॉलोनी के पास से दबोचा
जबलपुर के रांझी में 23 अप्रैल 2026 को सिविल इंजीनियर क्लारेन्स एटकीन्स की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। घटना के तुरंत बाद पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए वारदात में मदद करने वाले सह-आरोपियों तेजबल उर्फ अरुण रैकवार और मोहित ठाकुर को गिरफ्तार कर लिया था। तेजबल नरसिंहपुर के सुआतला का रहने वाला है, जो वर्तमान में माढोताल के अनमोल वाटिका में रह रहा था। वहीं मोहित ठाकुर कैंट थाना क्षेत्र के वर्धा हाउस पुल नंबर 02 का निवासी है। जांच में सामने आया कि मुख्य साजिशकर्ता बाबा नेल्सन उर्फ विकास नेल्सन उर्फ रिंकू नेल्सन ने अपने बेटे प्रिंस और अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर इस पूरी वारदात का ताना-बाना बुना था। हत्या के बाद से ही मुख्य आरोपी प्रिंस और उसका पिता फरार चल रहे थे, जिनकी गिरफ्तारी पर पुलिस ने ईनाम घोषित कर रखा था।
साजिशकर्ता पिता बाबा नेल्सन की तलाश जारी
मुखबिर की सटीक सूचना और तकनीकी साक्ष्यों की मदद से रांझी पुलिस ने गोरखपुर क्षेत्र की ईसाई कॉलोनी के पास घेराबंदी की। पुलिस टीम ने 25 वर्षीय मुख्य आरोपी प्रिंस नेल्सन उर्फ आशीष नेल्सन और उसके 16 वर्षीय विधि-विवादित बाल साथी को हिरासत में ले लिया। पूछताछ के बाद पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर वारदात में प्रयुक्त 1 देशी ऑटोमेटिक पिस्टल, 2 कारतूस और मोटर साइकिल बरामद की। गिरफ्तार मुख्य आरोपी प्रिंस नेल्सन को न्यायालय में पेश किया जा रहा है, जबकि उसके नाबालिग साथी को किशोर न्याय बोर्ड के सामने प्रस्तुत किया जा रहा है। मामले का मुख्य साजिशकर्ता बाबा उर्फ विकास नेल्सन अब भी पुलिस की पकड़ से दूर है, जिसकी तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है। इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी उमेश कुमार गोल्हानी, उप निरीक्षक मयंक सिंह यादव, सहायक उप निरीक्षक मनीष जाटव, प्रधान आरक्षक पुरुषोत्तम, आरक्षक मनीष और आरक्षक अभिषेक मिश्रा की विशेष भूमिका रही।
