हाई कोर्ट बार एसोसिएशन द्वारा आयोजित अभिनंदन समारोह में जस्टिस कौरव ने कहा कि वे हाई कोर्ट बार को अपना घर मानते हैं। उन्होंने बताया कि न्यायाधीश बनने से पहले वे इसी बार के सक्रिय सदस्य रहे और यहीं से उनके सार्वजनिक जीवन व कानूनी करियर को नई दिशा मिली। यहां के वकीलों के प्रति उनके मन में विशेष सम्मान और स्नेह है, इसलिए वे बिना पूर्व सूचना अपने पुराने साथियों से मिलने पहुंच गए। हाई कोर्ट एडवोकेट्स बार के सचिव अधिवक्ता निखिल तिवारी ने बताया कि सिल्वर जुबली हाल में आयोजित समारोह में बार के पदाधिकारियों और वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने उनका सम्मान किया। गौरतलब है कि वर्ष 2001 में जबलपुर से वकालत शुरू करने वाले जस्टिस कौरव उप महाधिवक्ता, अतिरिक्त महाधिवक्ता और महाधिवक्ता जैसे महत्वपूर्ण पदों पर रहे।
अधिवक्ताओं से की आत्मीय मुलाकात-
इस मौके पर जस्टिस पुरुषेन्द्र कौरव को बार एसोसिएशन की ओर से उन्हें स्मृति-चिह्न भेंट किया गया। इससे पहले जस्टिस कौरव ने हाई कोर्ट परिसर स्थित हनुमान मंदिर में दर्शन-पूजन किया तथा एडवोकेट्स बार में अधिवक्ताओं से मुलाकात की।