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लहरों की ऊंचाई और क्रूज की डिजाइन को किया गया नजरअंदाज, त्रुटिपूर्ण नियमों से हुआ हादसा



नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच ने जस्टिस संजय द्विवेदी को सौंपी तकनीकी कमियों को उजागर करने वाली रिपोर्ट

जबलपुर। नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच ने बरगी बांध क्रूज दुर्घटना मामले में एक महत्वपूर्ण रिपोर्ट प्रस्तुत की है। मंच के प्रतिनिधि डॉ. पी.जी. नाजपांडे ने यह प्रतिवेदन एकल सदस्य जांच आयोग के जस्टिस संजय द्विवेदी के समक्ष पेश किया। इस रिपोर्ट में आज बड़ा दावा करते हुए कहा गया कि संबंधित अधिकारियों ने जांच पूरी होने से पहले ही दुर्घटनाग्रस्त क्रूज को नष्ट कर दिया। यह कदम इनलैंड वैसल्स एक्ट 2021 की धारा 74(5) का सीधा उल्लंघन है। डॉ. नाजपांडे ने अपनी रिपोर्ट में इस क्रूज हादसे के लिए पूरी तरह से त्रुटिपूर्ण एसओपी, क्रूज कप्तान और जिम्मेदार प्रशासनिक अधिकारियों की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने साक्ष्य मिटाने वाले अधिकारियों पर आपराधिक प्रकरण दर्ज करने की मांग उठाई है।

नियमों की अनदेखी और सुरक्षा मानकों में बड़ी चूक

प्रस्तुत प्रतिवेदन के अनुसार बरगी जलाशय में क्रूज का संचालन बिना उसकी श्रेणी और लहरों की ऊंचाई के आधार पर जोन निश्चित किए बिना ही किया जा रहा था। किसी भी क्रूज के सुरक्षित संचालन के लिए सर्वे सर्टिफिकेट और लहरों की तीव्रता के अनुसार तय जोन का सर्टिफिकेट होना पूरी तरह अनिवार्य और बाध्यकारी होता है। बरगी डैम के मामले में प्रबंधन द्वारा ऐसे किसी भी नियम का पालन नहीं किया गया। जलाशय में पानी की लहरों की स्थिति के अनुसार जोन 1, जोन 2 और जोन 3 निर्धारित किए जाते हैं, परंतु बरगी जलाशय किस जोन के अंतर्गत आता है, इसकी कोई निश्चित जानकारी शासन के पास नहीं थी। इसके बावजूद एक गलत एसओपी तैयार कर क्रूज को पानी में उतार दिया गया।

साक्ष्य मिटाने की नीयत से क्रूज को किया गया नष्ट 

आरोप लगाया गया कि क्रूज की बनावट, उसकी डिजाइन, फिटनेस और क्षमता का सही आंकलन किए बिना ही वर्तमान नियम और एसओपी बना दिए गए थे। इसी बड़ी तकनीकी खराबी और गलत नियमों के कारण क्रूज दुर्घटना का शिकार हुआ। हादसे के बाद क्रूज को जल्दबाजी में डिसमेंटल यानी नष्ट कर दिया गया, ताकि उसकी फिटनेस की कमियां और अधिकारियों की गलतियां कभी सामने न आ सकें। इस गंभीर मामले को सुनने के बाद जस्टिस संजय द्विवेदी ने आश्वस्त किया है कि इस प्रतिवेदन को रिकॉर्ड में शामिल कर इसमें उठाए गए सभी बिंदुओं की गहराई से जांच की जाएगी।

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