जबलपुर. भारतीय रेल यात्रियों की सुरक्षा एवं सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए निरंतर कार्य कर रही है। इसी क्रम में रेलवे हेल्पलाइन 139 रेल मदद के माध्यम से ट्रेन संख्या 12142 के संबंध में एक मेडिकल सहायता (डॉक्टर कॉल) प्राप्त हुई। सूचना मिलते ही उप स्टेशन प्रबंधक (वाणिज्य) एवं आपातकालीन चिकित्सा सुविधा (ईएमआर) टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया तथा यात्री को आवश्यक सहायता प्रदान की।
निर्धारित समय पर ट्रेन संख्या 12142 के स्टेशन पर पहुंचने पर श्वरूक्र स्टाफ द्वारा संबंधित यात्री का तत्काल पता लगाकर उसकी चिकित्सकीय जांच की गई। जानकारी के अनुसार घायल यात्री श्री सोनू कुमार इंजन के समीप स्थित सामान्य श्रेणी (जनरल कोच) में यात्रा कर रहे थे। जांच के दौरान पाया गया कि उनके पैर के तलवे में चोट लगी हुई थी।
ईएमआर टीम द्वारा पूछताछ करने पर यात्री ने बताया कि वह यात्रा के दौरान ट्रेन के दरवाजे पर बैठा हुआ था तथा उसका पैर बाहर की ओर निकला हुआ था। इसी दौरान किसी बाहरी वस्तु के संपर्क में आने से उसके पैर के तलवे में चोट लग गई। घटना की जानकारी मिलते ही स्टाफ ने बिना विलंब किए घायल यात्री को प्राथमिक उपचार प्रदान किया तथा उसकी स्थिति का आकलन किया।
चोट की गंभीरता को देखते हुए रेलवे प्रशासन द्वारा तत्काल रेलवे एम्बुलेंस की व्यवस्था की गई। इसके पश्चात घायल यात्री को बेहतर चिकित्सकीय उपचार हेतु सरकारी अस्पताल भेजा गया। यात्री को अस्पताल तक सुरक्षित पहुंचाने एवं आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के लिए ड्यूटी पर तैनात रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के कर्मचारी श्री संदीप को भी उसके साथ भेजा गया।
रेलवे प्रशासन की त्वरित कार्रवाई, आरपीएफ स्टाफ की तत्परता तथा ईएमआर कर्मियों के सहयोग के कारण घायल यात्री को समय पर चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराई जा सकी। यह घटना एक बार पुन: दर्शाती है कि भारतीय रेल अपने यात्रियों की सुरक्षा एवं आपातकालीन परिस्थितियों में सहायता प्रदान करने के लिए पूर्णत: प्रतिबद्ध है।
रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि यात्रा के दौरान ट्रेन के दरवाजों पर बैठकर यात्रा न करें। इस प्रकार की असावधानी गंभीर दुर्घटनाओं का कारण बन सकती है। सुरक्षित यात्रा के लिए रेलवे द्वारा निर्धारित सुरक्षा नियमों का पालन करना सभी यात्रियों की जिम्मेदारी है।
