जबलपुर। मध्य प्रदेश विद्युत कर्मचारी जनता यूनियन ने प्रबंधन पर मनमानी और भेदभाव का आरोप लगाते हुए आंदोलन की चेतावनी दी है। यूनियन अध्यक्ष आरएस सक्सेना के अनुसार छिंदवाड़ा में पिछले 30 वर्षों से कार्यरत वाहन क्लीनर रामचंद्र रजत और उदित नारायण सिंह को उच्च न्यायालय जबलपुर के आदेश के बाद भी वाहन चालक के पद पर पदोन्नति नहीं दी गई है। न्यायालय ने इसके लिए 60 दिन की समय-सीमा तय की थी, जिसका पालन नहीं हुआ। इसे लेकर बिजली कर्मचारियों और पेंशनर्स में भारी आक्रोश है। इस मुद्दे पर अब्दुल रहमान, लालजी सोनी, राजेन्द्र सांधिया, राजकुमार काठी, लल्लू प्रसाद पटेल, दिनेश चौधरी, मोहन अग्रवाल और संजय एडवर्ड की उपस्थिति में बैठक हुई, जिसमें आगे की रणनीति के लिए 7 जून को विजय नगर में अगली बैठक तय की गई है। इसके साथ ही विश्वविद्यालय में विजिटिंग फैकल्टी द्वारा समय पर उपलब्ध न रहने और अन्य संस्थानों में भी कार्य करने से शैक्षणिक व्यवस्था प्रभावित होने का मामला सामने आया है। बिजली कर्मचारियों ने प्रबंधन के खिलाफ रोष जताते हुए समय पर विभागीय समस्याओं का निराकरण न होने पर नाराजगी जताई है। कोर्ट के दिशा-निर्देशों के बाद भी तीन दशकों से अटकी तरक्की की फाइल आगे न बढ़ने से कर्मियों का धैर्य जवाब दे रहा है।
बिजली कंपनी प्रबंधन पर भेदभाव का आरोप, कर्मचारियों ने दी आंदोलन की चेतावनी
byKhabarAbhiTak
-
0
