जबलपुर। रांझी थाना क्षेत्र में बिजली चोरी की जांच करने पहुंची विद्युत विभाग की टीम पर हमला करने और सरकारी कार्य में बाधा डालने का मामला सामने आया है। इस संबंध में मध्य प्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के अधारताल शहर संभाग के सहायक यंत्री विवेक नेमा ने रांझी थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। यह घटना 2 जून की शाम लगभग 4:30 बजे की है, जब विभागीय टीम रिछाई के सुमन नगर में मीटरों की जांच के लिए पहुंची थी। जांच के दौरान वहां मौजूद आरोपी राघव तिवारी ने कनिष्ठ यंत्री श्रीमती रुपाली ज्योतिषी और अन्य लाइन स्टाफ के साथ अत्यंत अभद्र व्यवहार किया। आरोपी ने न केवल सरकारी काम को रोका, बल्कि विभागीय वाहनों की चाबियां भी छीन लीं और महिला अधिकारी के साथ बदसलूकी की। रांझी पुलिस ने इस मामले में आरोपी राघव तिवारी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की सुसंगत धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। अधीक्षण अभियंता सिटी संजय अरोरा ने कहा कि इस तरह के मामलों में अब आरोपियों से सख्ती से निपटा जाएगा ताकि बिजली अमले की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
विद्युत चोरी की जांच के दौरान हुआ विवाद
विभागीय टीम सुमन नगर मेन रोड रिछाई में स्थित डीके तिवारी के कनेक्शन संख्या 1825004389 और कौशल्या तिवारी के कनेक्शन संख्या 1825001359 के परिसर में पहुंची थी। जब वहां बिजली चोरी और मीटर की जांच की जा रही थी, तभी आरोपी राघव तिवारी वहां आया और उसने हंगामा शुरू कर दिया। उसने मौके पर मौजूद सहायक यंत्री विवेक नेमा, कनिष्ठ यंत्री श्रीमती रुपाली ज्योतिषी और लाइन स्टाफ मुस्ताक अली, अंकित पटेल, रोहित अहिरवार, आजाद कोल और मयंक मानवेरे को शासकीय कार्य करने से रोका। आरोपी ने विद्युत चेकिंग की वैधानिक कार्रवाई का कड़ा विरोध करते हुए टीम के साथ तीखी बहस की।
महिला अधिकारी से अभद्रता और वाहनों की चाबियां छीनीं
आरोपी राघव तिवारी ने शासकीय कार्य में लगे वाहन संख्या MP20 ZL 6973 और MP20 LB 3123 की चाबियां ड्राइवरों से जबरदस्ती छीन लीं। उसने महिला अधिकारी श्रीमती रुपाली ज्योतिषी के साथ अपमानजनक और अभद्र शब्दों का प्रयोग करते हुए बदसलूकी की। इसके बाद आरोपी ने जांच दल के अन्य सदस्यों को भी गालियां दीं और उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने तथा जान से मारने की धमकी दी। आरोपी के इस हिंसक और आक्रामक रवैये के कारण पूरी टीम के मन में भय का माहौल बन गया और जांच का कार्य बाधित हुआ।
पुलिस बल ने मौके पर पहुंचकर मोर्चा संभाला
घटनास्थल पर बिगड़ते हालात को देखकर अधिकारियों ने तुरंत रांझी पुलिस को सूचना दी। पुलिस की टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया और आरोपी के कब्जे से विभागीय वाहनों की चाबियां वापस दिलवाईं। इसके बाद जब टीम वापस अधारताल कार्यालय लौटी, तो आरोपी राघव तिवारी वहां भी समीक्षा बैठक के दौरान पहुंच गया और अधिकारियों को दोबारा धमकाया। इस परिसर में पूर्व में भी 11 मार्च 2026 को बिजली का अवैध उपयोग पकड़ा गया था। पुलिस ने अब इस मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
