पश्चिम मध्य रेलवे में यात्रियों की सुरक्षा भगवान भरोसे, बागरी गैंग की वापसी ने बढ़ाई चिंता
जबलपुर। पश्चिम मध्य रेलवे के कोटा मंडल में आने वाले लाखेरी और इंद्रगढ़ सुमेरगंज मंडी स्टेशनों के पास बागरी गैंग ने एक बार फिर यात्रियों की सुरक्षा को खतरे में डाल दिया है। पिछले 3 दिन में ही इस गैंग ने चलती ट्रेनों में लठ मारकर मोबाइल लूट की 2 बड़ी वारदातों को अंजाम दिया है। मंगलवार रात लाखेरी स्टेशन से रवाना हुई अजमेर-जबलपुर दयोदय एक्सप्रेस के गेट पर बैठे निजी बैंक कर्मी सचिन पर बदमाशों ने लठ से हमला किया, जिससे वह चलती ट्रेन से नीचे गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गया, हालांकि बदमाश उसका मोबाइल नहीं लूट पाए। इसके बाद गुरुवार को जोधपुर-इंदौर इंटरसिटी रणथंभौर एक्सप्रेस में इंद्रगढ़ सुमेरगंज मंडी स्टेशन के पास गैंग ने एक अन्य यात्री को डंडा मारकर उसका मोबाइल लूट लिया। सुरक्षा एजेंसियों की लापरवाही के कारण यह गैंग फिर सक्रिय हो गई है।
दयोदय एक्सप्रेस में बैंक कर्मी पर जानलेवा हमला
लाखेरी में ही एक निजी बैंक में काम करने वाला सचिन नाम का युवक कोटा जाने के लिए दयोदय एक्सप्रेस में सवार हुआ था। जैसे ही ट्रेन प्लेटफॉर्म के अंतिम छोर को पार कर आगे बढ़ी, वहां घात लगाकर बैठे बागरी गैंग के बदमाशों ने सचिन के हाथ पर लठ से जोरदार हमला कर दिया। इस अचानक हुए वार से सचिन अपना संतुलन खो बैठा और सीधे चलती ट्रेन से नीचे रेलवे ट्रैक के पास जा गिरा। गनीमत यह रही कि वह पटरी की तरफ नहीं गिरा, जिससे उसकी जान बच गई। सचिन के गिरते ही गैंग के सदस्य बिना मोबाइल लिए ही अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से भाग निकले। घायल युवक को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज चल रहा है।
रणथंभौर इंटरसिटी में यात्री से मोबाइल की लूट
इस वारदात के ठीक बाद गुरुवार को बदमाशों ने जोधपुर-इंदौर इंटरसिटी रणथंभौर एक्सप्रेस को अपना निशाना बनाया। जब यह ट्रेन इंद्रगढ़ सुमेरगंज मंडी स्टेशन के पास से गुजर रही थी, तभी ट्रेन के गेट पर बैठे एक यात्री पर गैंग के सदस्यों ने डंडा मारकर हमला किया और उसका मोबाइल छीनकर रफूचक्कर हो गए। पीड़ित यात्री ने इस घटना की लिखित शिकायत लाखेरी आरपीएफ में दर्ज कराई है, लेकिन मौके पर पीड़ित को तुरंत कोई सुरक्षा सहायता नहीं मिल सकी। इस लापरवाही से यात्रियों में रेलवे सुरक्षा को लेकर काफी रोष व्याप्त है।
साइबर अपराधों में हो रहा लूटे गए मोबाइलों का इस्तेमाल
रेलवे अधिकारियों के लिए सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि पूर्व में पकड़े गए इस गैंग के सदस्यों से पूछताछ में खुलासा हुआ था कि ये लोग लूटे गए मोबाइलों को आगे बेच देते हैं, जिनका उपयोग बड़े पैमाने पर साइबर ठगी और अन्य अपराधों में किया जाता है। लाखेरी स्टेशन के पास बनी झुग्गी-झोपड़ियों (टापरियों) में रहने वाले इस गैंग के अपराधी पहले भी दर्जनों यात्रियों को अपना शिकार बना चुके हैं। पूर्व में जीआरपी और आरपीएफ की सख्त कार्रवाई के बाद यह गैंग कुछ समय के लिए शांत हो गई थी, लेकिन पुलिसिया ढिलाई मिलते ही बदमाशों ने फिर से ट्रेनों में खूनी खेल खेलना शुरू कर दिया है, जिससे पश्चिम मध्य रेलवे प्रशासन की नींद उड़ गई है।
