जबलपुर। नर्मदा नदी का सिलुआ घाट रविवार को उस समय चीखों से गूंज उठा, जब गर्मी और छुट्टी का आनंद लेने आए दो सगे दोस्त गहरे पानी की क्रूर लहरों का शिकार बन गए। ग्राम चौखड़ा निवासी 19 वर्षीय ध्रुव पटेल और 17 वर्षीय सागर पटेल अपने तीन अन्य साथियों के साथ सुबह नहाने पहुंचे थे। नहाते समय ध्रुव अचानक गहरे पानी और भंवर में फंसकर डूबने लगा, जिसे बचाने की कोशिश में उसका दोस्त सागर भी आगे बढ़ा, लेकिन नदी के तेज बहाव ने दोनों को अपनी आगोश में ले लिया। गौर चौकी पुलिस और एसडीआरएफ की टीम ने सूचना मिलते ही मौके पर मोर्चा संभाला और करीब 3 घंटे के बेहद चुनौतीपूर्ण रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद घटनास्थल से 50 मीटर दूर चट्टानों के बीच से दोनों के शव बरामद किए।
नदी की गहराई में समाईं दो जिंदगी
सैर-सपाटे और मौज-मस्ती के इरादे से आए पांचों दोस्त शुरुआत में किनारे के उथले पानी में ही खेल रहे थे। इसी बीच ध्रुव का पैर गहराई की तरफ चला गया और वह तेज धारा के बीच खुद को संभाल नहीं पाया। उसे छटपटाता देख सागर ने बिना अपनी जान की परवाह किए पानी में छलांग लगा दी। दोनों ने बाहर निकलने के लिए काफी संघर्ष किया, लेकिन नर्मदा के भंवर और तेज वेग के सामने उनकी कोशिशें नाकाम रहीं। किनारे पर खड़े अन्य दोस्तों ने जब यह खौफनाक मंजर देखा, तो उन्होंने चीखना-चिल्लाना शुरू कर दिया।
घंटों की मशक्कत के बाद मिले शव
चीख-पुकार सुनकर घाट पर मौजूद स्थानीय नाविक और ग्रामीण तुरंत नदी में कूदे, लेकिन तब तक दोनों दोस्त ओझल हो चुके थे। सूचना मिलते ही गौर चौकी प्रभारी नितिन पांडे पुलिस बल के साथ पहुंचे और तत्काल एसडीआरएफ की गोताखोर टीम को रेस्क्यू के लिए बुलाया। पानी के भारी दबाव और चट्टानी रास्तों के कारण तलाश में काफी मुश्किलें आईं। गोताखोरों ने करीब 3 घंटे की कड़ी मेहनत के बाद दोनों युवकों के शवों को ढूंढ निकाला। पुलिस ने पंचनामा कार्रवाई के बाद शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है।
