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नर्मदा और हिरन नदी पर प्रशासनिक पहरा, भारी मात्रा में रेत और नावें पकड़ीं






पानी में तैरता हुआ प्लेटफॉर्म तोड़ा, रेत निकालने वाला पंप और नाव भी जब्त

जबलपुर। जिले के विभिन्न नदी क्षेत्रों में माफियाओं द्वारा किए जा रहे बालू के अवैध कारोबार के खिलाफ प्रशासन ने चौतरफा कार्रवाई करते हुए भारी मात्रा में रेत जप्त की है। कलेक्टर राघवेंद्र सिंह के कड़े निर्देशों के बाद शुक्रवार को पाटन और शहपुरा अनुभाग में राजस्व, पुलिस तथा खनिज विभाग की संयुक्त टीमों ने अलग-अलग स्थानों पर औचक दबिश दी। इस पूरी कार्रवाई के दौरान पाटन के हरदुआ और वासन गांव में हिरन नदी के किनारे से करीब 62 ट्रॉली यानी 186 घनमीटर रेत पकड़ी गई। वहीं दूसरी तरफ शहपुरा तहसील के छपरट गांव में नर्मदा नदी के तट से लगभग 1 से डेढ़ हाइवा रेत जप्त की गई। इसके अतिरिक्त चरगवां वृत्त के धरतीकछार गांव में नर्मदा नदी के भीतर से मोटर पंप और नौका के जरिए निकाली गई ढाई हाइवा रेत को कब्जे में लिया गया। इस बड़े अभियान को अमली जामा पहनाकर धरातल पर उतारने में एसडीएम पाटन मानवेंद्र सिंह, एसडीएम शहपुरा मदन सिंह रघुवंशी, अनुविभागीय पुलिस अधिकारी बरगी अंजुल अयंक मिश्रा, अतिरिक्त तहसीलदार चरगवां सुरेश कुमार सोनी, खनि निरीक्षक विवेकानंद यादव, पटवारी चंद्रशेखर शर्मा, हल्का पटवारी रवि विश्वकर्मा, एएसआई मनोज बसेडिया, होमगार्ड जवान राकेश उपाध्याय और अनुज बैरागी ने मुख्य भूमिका निभाई।

​हिरन नदी के तटीय इलाकों में दबिश

​पाटन तहसील के अंतर्गत आने वाले ग्राम हरदुआ और वासन में काफी समय से रेत के अवैध भंडारण की सूचनाएं मिल रही थीं। इस पर संज्ञान लेते हुए एसडीएम मानवेंद्र सिंह के नेतृत्व में प्रशासनिक अमला अचानक मौके पर पहुंचा। टीम ने जब हिरन नदी से लगे सड़क मार्गों और आसपास के मैदानों का निरीक्षण किया, तो वहां रेत के विशाल ढेर पाए गए। मौके पर कुल 62 ट्रॉली अवैध रेत जमा की गई थी, जिसका पैमाना करीब 186 घनमीटर आंका गया है। अधिकारियों ने तुरंत पंचनामा तैयार कर पूरी रेत को जप्त कर लिया। चूंकि मौके पर कोई दावेदार सामने नहीं आया, इसलिए सुरक्षा के लिहाज से इस पूरी सामग्री को स्थानीय ग्राम कोटवार की सुपुर्दगी में सौंप दिया गया। इस कार्रवाई में खनिज निरीक्षक विवेकानंद यादव और पटवारी चंद्रशेखर शर्मा की सक्रियता से माफियाओं के मंसूबों पर पानी फिर गया।

​नर्मदा तट पर लावारिस भंडारित बालू की जब्ती 

​अवैध उत्खनन के खिलाफ दूसरी बड़ी कार्रवाई शहपुरा तहसील के अंतर्गत आने वाले ग्राम छपरट में अंजाम दी गई। यहां नर्मदा नदी के किनारे बड़े पैमाने पर रेत निकालकर जमा की गई थी। एसडीएम मदन सिंह रघुवंशी के मार्गदर्शन में राजस्व विभाग का अमला जब नदी के घाट पर पहुंचा, तो वहां अफरा-तफरी का माहौल बन गया। जांच के दौरान किनारे पर करीब 1 से डेढ़ हाइवा रेत अवैध रूप से भंडारित मिली। प्रशासनिक दल ने आस-पास मौजूद ग्रामीणों और वहां से गुजरने वाले लोगों से काफी पूछताछ की ताकि रेत निकालने वाले वास्तविक चेहरों का पता लगाया जा सके, परंतु डर या मिलीभगत के कारण किसी ने भी मुँह नहीं खोला। इसके बाद राजस्व दल ने बिना देर किए जप्त रेत का पंचनामा बनाया और उसे सुरक्षित रखने के लिए ग्राम पंचायत छपरट के उपसरपंच के हवाले कर दिया।

​नदी के भीतर चल रहे अवैध तंत्र पर प्रहार, मशीनें नष्ट

​तीसरी सबसे बड़ी और तकनीकी कार्रवाई चरगवां वृत्त के ग्राम धरतीकछार में शाम के वक्त हुई। यहां नर्मदा नदी की जलधारा के बीच से अवैध रूप से रेत निकालने का एक संगठित नेटवर्क काम कर रहा था। अनुविभागीय राजस्व अधिकारी शहपुरा के दिशा-निर्देश पर राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने अचानक छापा मारा। टीम को देखकर उत्खनन करने वाले लोग भाग खड़े हुए। मौके से अधिकारियों ने नदी से रेत निकालने में इस्तेमाल की जा रही एक बड़ी नौका और शक्तिशाली मोटर पंप को जप्त किया। माफियाओं ने नदी के भीतर पाइप और लोहे के ड्रम की मदद से एक बड़ा तैरता हुआ प्लेटफार्म बना रखा था, जिसे पुलिस और राजस्व अमले ने मौके पर ही पूरी तरह तोड़कर नष्ट कर दिया। यहां से भी करीब ढाई हाइवा निकाली गई रेत जब्त की गई। इस कार्रवाई में बरगी के एसडीओपी अंजुल अयंक मिश्रा, अतिरिक्त तहसीलदार सुरेश कुमार सोनी, पटवारी रवि विश्वकर्मा और एएसआई मनोज बसेडिया ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

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