जबलपुर। श्री कृष्णमूर्ति मिश्र, प्रधान जिला न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर के मार्गदर्शन में सोमवार को शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, ब्योहरबाग में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का उद्देश्य छात्राओं को उनके संवैधानिक एवं कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक बनाना तथा उन्हें सामाजिक कुरीतियों एवं अपराधों से सुरक्षित रहने के उपायों की जानकारी प्रदान करना था।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव शक्ति वर्मा ने कहा कि कानून की जानकारी प्रत्येक बालिका की सबसे बड़ी सुरक्षा है। जागरूक नागरिक ही अपने अधिकारों की रक्षा कर सकता है तथा समाज को सुरक्षित एवं सशक्त बना सकता है। उन्होंने छात्राओं को घरेलू हिंसा अधिनियम, 2005, दहेज प्रतिषेध अधिनियम, 1961 तथा कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न (पॉश) अधिनियम, 2013 के महत्वपूर्ण प्रावधानों की जानकारी देते हुए महिलाओं को उपलब्ध कानूनी संरक्षण के बारे में विस्तार से बताया।
शिविर में पॉक्सो अधिनियम, 2012 के अंतर्गत बच्चों को यौन अपराधों से संरक्षण, गुड टच-बैड टच, साइबर बुलिंग, सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग तथा चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। छात्राओं को बताया गया कि किसी भी प्रकार के शोषण, उत्पीड़न या साइबर अपराध की स्थिति में तुरंत संबंधित अधिकारियों एवं हेल्पलाइन से संपर्क करना चाहिए।
कार्यक्रम के दौरान एनडीपीएस अधिनियम, 1985 के अंतर्गत नशीले पदार्थों से संबंधित कानूनी प्रावधानों, ड्रग्स, शराब एवं तंबाकू के दुष्प्रभावों तथा नशे के कारण व्यक्ति, परिवार और समाज पर पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभावों पर प्रकाश डाला गया। साथ ही नशा मुक्ति हेतु संचालित सरकारी हेल्पलाइन 14446 की जानकारी देते हुए छात्राओं से स्वयं नशे से दूर रहने तथा अन्य लोगों को भी जागरूक करने का आह्वान किया गया।
शिविर में छात्राओं को उनके कानूनी अधिकारों, आत्मरक्षा, आत्मविश्वास एवं सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक करते हुए बताया गया कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा प्रत्येक जरूरतमंद व्यक्ति को निःशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराई जाती है। इस अवसर पर नालसा की "तस्करी एवं वाणिज्यिक यौन शोषण पीड़ितों के लिए विधिक साक्षरता शिविर" तथा "नशा पीड़ितों को विधिक सेवाएं एवं नशा उन्मूलन के लिए विधिक साक्षरता शिविर" योजनाओं की भी जानकारी प्रदान की गई। शिविर के अंत में छात्राओं ने विभिन्न कानूनी विषयों पर प्रश्न पूछे, जिनका सचिव शक्ति वर्मा द्वारा सरल एवं व्यवहारिक उदाहरणों के माध्यम से समाधान किया गया।