जबलपुर। मध्यप्रदेश शासन लोक निर्माण विभाग मंत्रालय भोपाल के हालिया आदेश के तहत जबलपुर परिक्षेत्र के प्रभारी मुख्य अभियंता आरएल वर्मा को पदोन्नत करते हुए भोपाल में प्रभारी प्रमुख अभियंता के सर्वोच्च पद पर नियुक्त किया गया है। इस महत्वपूर्ण प्रशासनिक फेरबदल के बाद विभागीय अधिकारियों, कर्मचारी संगठनों और निर्माण ठेकेदारों में हर्ष की लहर दौड़ गई है। शीर्ष पद का दायित्व संभालते ही जबलपुर में उनका भव्य स्वागत किया गया, जहां भवन अधीक्षण यंत्री शिवेंद्र सिंह, कार्यपालन यंत्री हृदेश आर्य, मध्य प्रदेश राज्य कर्मचारी संघ जबलपुर के जिला अध्यक्ष अटल उपाध्याय, जी पी द्विवेदी, अर्जुन सोमवंशी, सुशील गुप्ता, बाल्मीक साकेत, पियूष, लल्लू, राजा राम डेहरिया, राजेंद्र त्रिपाठी, ठेकेदार अतुल खरे, तजिंदर सिंह अमोलक, संदीप पटेल, अजय आनंद और नितिन पंथ ने उन्हें पुष्प गुच्छ भेंट कर बधाई दी और उनके उज्जवल कार्यकाल की कामना की।
भोपाल मुख्यालय में नई प्रशासनिक जिम्मेदारी
राज्य सरकार के लोक निर्माण विभाग मंत्रालय द्वारा जारी की गई नई तबादला सूची के बाद प्रदेश की विकास योजनाओं को गति मिलने की उम्मीद है। श्री वर्मा का जबलपुर परिक्षेत्र में मुख्य अभियंता के रूप में काम करने का लंबा और सफल अनुभव रहा है। उनके इसी बेहतरीन ट्रैक रिकॉर्ड को देखते हुए शासन ने उन्हें राजधानी भोपाल में पूरे प्रदेश के लोक निर्माण विभाग की कमान सौंपने का निर्णय लिया है। इस नियुक्ति से विभाग के प्रशासनिक कार्यों में और अधिक कसावट आने की संभावना जताई जा रही है।
जबलपुर में हुआ गरिमामय विदाई और सम्मान समारोह
जबलपुर से विदा होकर भोपाल में नया कार्यभार ग्रहण करने से पूर्व स्थानीय कार्यालय में एक विशेष बैठक का आयोजन किया गया। इस दौरान विभागीय अधिकारियों और सहयोगी कर्मचारियों ने श्री वर्मा के साथ बिताए समय और उनके मार्गदर्शन को याद किया। उपस्थित लोगों ने कहा कि जबलपुर परिक्षेत्र में उनके कार्यकाल के दौरान बुनियादी ढांचे के विकास में तेजी आई थी। विदाई की इस वेला में सभी ने उनके नए सफर के लिए शुभकामनाएं दीं और उनके प्रति अपनी कृतज्ञता प्रकट की। विभागीय फेरबदल के इस मौके पर सरकारी कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों के साथ-साथ क्षेत्र के प्रमुख ठेकेदारों ने भी नए प्रमुख अभियंता का गर्मजोशी से स्वागत किया। निर्माण कार्य से जुड़े व्यवसायियों और कर्मचारी नेताओं का मानना है कि आरएल वर्मा के शीर्ष पद पर आने से लंबित परियोजनाओं को समय पर पूरा करने में मदद मिलेगी। उनकी कार्यशैली हमेशा से पारदर्शी और विकासोन्मुखी रही है, जिससे आने वाले समय में पूरे प्रदेश के बुनियादी ढांचे को एक नया और आधुनिक स्वरूप मिलेगा।
