जबलपुर। सिहोरा तहसील में शनिवार को सुविधा गैस एजेंसी के खिलाफ उपभोक्ताओं का गुस्सा फूट पड़ा। गैस सिलेंडर की भारी किल्लत और वितरण में मनमानी से नाराज सैकड़ों उपभोक्ताओं ने नेशनल हाईवे-30 पर चक्काजाम कर दिया। करीब 1 घंटे तक चले इस प्रदर्शन के कारण हाईवे के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात पूरी तरह ठप हो गया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि 8 से 10 दिन पहले पर्ची और डायरी जमा कराने के बाद भी उन्हें सिलेंडर नहीं दिए जा रहे हैं। मौके पर पहुंचे स्थानीय प्रशासन और पुलिस बल ने उपभोक्ताओं को समझाइश देकर शांत कराया, जिसके बाद जाम खोला जा सका। उपभोक्ताओं ने व्यवस्था न सुधरने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।
पर्ची जमा होने के बाद भी भटक रहे उपभोक्ता
सुविधा गैस एजेंसी के बाहर एकत्र हुए उपभोक्ताओं ने बताया कि वे पिछले कई दिनों से रसोई गैस के लिए परेशान हो रहे हैं। एजेंसी प्रबंधन द्वारा 8 से 10 दिन पहले ही बुकिंग की पर्ची और डायरी जमा करा ली जाती है, लेकिन जब सिलेंडर लेने का समय आता है तो टालमटोल की जाती है। उपभोक्ताओं ने खुलेआम आरोप लगाया कि आम जनता को परेशान करके गैस सिलेंडर की कालाबाजारी की जा रही है। तय समय पर रसोई गैस न मिलने से लोगों के घरों में चूल्हे ठप होने की नौबत आ गई है, जिससे परेशान होकर उन्हें सड़क पर उतरने के लिए मजबूर होना पड़ा।
जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक उदासीनता पर नाराजगी
प्रदर्शन के दौरान लोगों ने स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि क्षेत्र की इस गंभीर समस्या को लेकर न तो प्रशासनिक अधिकारी कोई ठोस कदम उठा रहे हैं और न ही जनता के प्रतिनिधि उनकी सुध ले रहे हैं। लोगों ने रोष जताते हुए कहा कि नेता सिर्फ चुनाव के समय ही वोट मांगने के लिए घर-घर आते हैं, लेकिन चुनाव खत्म होते ही वे जनता की बुनियादी समस्याओं को भूल जाते हैं। संकट के इस दौर में उपभोक्ताओं को पूरी तरह उनके हाल पर छोड़ दिया गया है।
पुलिस और प्रशासन के आश्वासन पर खुला जाम
हाईवे पर चक्काजाम और अफरा-तफरी की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने आक्रोशित उपभोक्ताओं की शिकायतें सुनीं और गैस एजेंसी प्रबंधन से इस संबंध में बात की। प्रशासन ने उपभोक्ताओं को जल्द से जल्द पारदर्शी तरीके से गैस वितरण कराने का भरोसा दिलाया। अधिकारियों के इस ठोस आश्वासन के बाद प्रदर्शनकारी सड़क से हटने को तैयार हुए और करीब 1 घंटे बाद हाईवे पर यातायात दोबारा बहाल हो सका। हालांकि, उपभोक्ताओं ने साफ कहा है कि यदि वितरण व्यवस्था तुरंत दुरुस्त नहीं हुई तो वे दोबारा आंदोलन करेंगे।
