वरिष्ठ शिक्षाविदों के दीर्घकालीन सेवा सफर को सलाम किया गया
इस गरिमामय अवसर पर वक्ताओं ने शिक्षकों की भूमिका को रेखांकित करते हुए उन्हें समाज का मार्गदर्शक और राष्ट्र के भविष्य का निर्माता बताया। वक्ताओं का कहना था कि दशकों तक विद्यार्थियों के व्यक्तित्व को निखारने, शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने और संस्थाओं के विकास में अपना जीवन समर्पित करने वाले प्राध्यापक वास्तव में देश की बौद्धिक पूंजी हैं। उनका कर्तव्यनिष्ठ जीवन और शैक्षणिक योगदान आने वाली नई पीढ़ियों को हमेशा सही राह दिखाता रहेगा। समारोह का संचालन जिला अध्यक्ष डॉ. शैलेन्द्र श्रीवास्तव ने बेहद प्रभावी ढंग से किया।
शैक्षणिक जगत की नामचीन हस्तियों ने समारोह में दर्ज कराई मौजूदगी
समारोह में जिले के विभिन्न सरकारी कॉलेजों के प्राचार्यों और प्राध्यापकों ने बड़ी संख्या में हिस्सा लिया। कार्यक्रम में विज्ञान महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. शिखा सक्सेना, होम साइंस महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. समीर शुक्ला, कुण्डम कॉलेज की प्राचार्य डॉ. मधुमती नामदेव, बरगी कॉलेज की प्राचार्य डॉ. पद्मा माहेश्वरी, गढ़ा कॉलेज के प्राचार्य डॉ. मनीष कोल और सिहोरा के श्यामसुन्दर अग्रवाल महाविद्यालय के डॉ. मनोज श्रीवास्तव उपस्थित रहे। इसके साथ ही डॉ. शैलप्रभा कोष्टा, डॉ. तृप्ति उकास, डॉ. रविश ताजिर तमन्ना, डॉ. प्रियंका साहू, डॉ. कातुलकर, डॉ. चंदेल और डॉ. कविता शाक्य सहित कई शिक्षकों ने अपनी उपस्थिति से कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। सभी ने सम्मानित अतिथियों के स्वस्थ और दीर्घायु जीवन की कामना की।
