जबलपुर। स्वास्थ्य विभाग का एक बड़ा घोटाला सामने आया है, जिसने पूरे सरकारी तंत्र को हिलाकर रख दिया है। पाटन विकासखंड के ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर डॉ. आदर्श विश्नोई पर आरोप है कि उन्होंने मासूम किशोरियों की जिंदगी से खिलवाड़ करते हुए 25 लाख रुपए की सरकारी वैक्सीन को खुले बाजार में बेच दिया। कलेक्टर के सामने पेश की गई 98 पन्नों की इस गंभीर शिकायत के बाद प्रशासन तुरंत हरकत में आ गया है। इस मामले की जांच के लिए 15 दिनों की समय-सीमा तय की गई है, और सीएमएचओ डॉ. नवीन कोठारी ने पत्र क्रमांक 7203 के जरिए डॉ. विश्नोई को 3 दिनों के भीतर बिंदुवार जवाब देने का कड़ा आदेश जारी किया है।
मुफ्त मिलने वाली दवा बाजार में बेची
गर्भाशय ग्रीवा यानी सर्वाइकल कैंसर जैसी खतरनाक बीमारी से गरीब बच्चियों को बचाने के लिए सरकार ने गार्डासिल-4 वैक्सीन की 1589 डोज मुफ्त लगाने के लिए भेजी थीं। आज के समय में इस वैक्सीन की एक डोज ऑनलाइन मार्केट में 3534 रुपए की मिल रही है। इस महंगी सरकारी दवा को निजी हाथों में बेचकर मोटी अवैध कमाई करने की पूरी साजिश रची गई। इस पूरे खेल को छुपाने के लिए कागजों पर फर्जीवाड़ा किया गया, ताकि किसी को भनक न लगे।
सरकारी कर्मचारियों को दिए गए झूठे निर्देश
डॉ. आदर्श विश्नोई ने पाटन क्षेत्र की अपनी अधीनस्थ 30 एएनएम और 210 आशा कार्यकर्ताओं को हितग्राहियों की एक फर्जी सूची थमा दी। उन्होंने इन कर्मचारियों को सख्त निर्देश दिए कि 14 से 15 वर्ष की इन बच्चियों का वैक्सीनेशन ब्लॉक मुख्यालय में पहले ही किया जा चुका है। इसलिए कर्मचारियों को सिर्फ इन बच्चियों के नाम यूविन वैक्सीनेशन पोर्टल पर दर्ज करने को कहा गया। इस तरह हकीकत में टीका लगाए बिना ही कागजों पर वैक्सीन खपा दी गई।
