जबलपुर। खमरिया आयुध निर्माणी परिसर में देर रात ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों ने एक तेंदुए को घूमते हुए देखा। हिंसक वन्यजीव की मौजूदगी से पूरी फैक्ट्री और आसपास के रिहायशी इलाकों में हड़कंप मच गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन और वन विभाग को तुरंत सूचित किया गया। वन विभाग की रेस्क्यू टीम ने सोमवार को भी थर्मल कैमरों और पिंजरों की मदद से तेंदुए को सुरक्षित ट्रेंकुलाइज करने की तलाश जारी रखी। आशंका है कि यह तेंदुआ गन कैरेज फैक्ट्री (जीसीएफ) के घने जंगलों से भटक कर यहां पहुंचा है। एहतियात के तौर पर बगल की वाहन निर्माणी (वीएफजे) में भी अलर्ट जारी किया गया है। इससे पहले दिसंबर 2025 के अंतिम सप्ताह में भी सारणी क्वार्टर्स में रहने वाले फैक्ट्री कर्मचारी राजू मीणा के घर में एक वयस्क तेंदुआ बाउंड्री गेट फांदकर घुस गया था, जिसकी हरकतें सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई थीं। इसके अलावा पूर्व में संवेदनशील एफ-6 सेक्शन में भी तेंदुआ देखा जा चुका है।
सुरक्षा व्यवस्था और अलर्ट
फैक्ट्री परिसर के चारों ओर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। आयुध निर्माणी प्रशासन ने कर्मचारियों और स्थानीय रहवासियों के लिए विशेष गाइडलाइन जारी की है। सभी को अकेले सुनसान रास्तों पर न जाने की सख्त सलाह दी गई है। इसके साथ ही वाहन निर्माणी जबलपुर में भी सुरक्षाकर्मियों को अलर्ट पर रखा गया है ताकि किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके। रात के समय गश्त बढ़ा दी गई है और हर संदिग्ध गतिविधि पर नजर रखी जा रही है।
वन विभाग का खोजी अभियान
सूचना मिलते ही वन विभाग की रेस्क्यू टीम आधुनिक उपकरणों के साथ मौके पर तैनात हो गई है। घने जंगली इलाकों में तेंदुए की लोकेशन ट्रेस करने के लिए विशेष टीमों का गठन किया गया है। टीम पिंजरों और थर्मल कैमरों के जरिए तेंदुए की हर हरकत को ट्रैक करने की कोशिश कर रही है। विशेषज्ञों के अनुसार, वन्यजीव को बिना किसी नुकसान के सुरक्षित तरीके से ट्रेंकुलाइज कर जंगल में वापस छोड़ने की पूरी तैयारी कर ली गई है।
जंगली क्षेत्रों से सटा रिहायशी इलाका
यह पूरा औद्योगिक क्षेत्र गन कैरेज फैक्ट्री और खमरिया के घने जंगलों से घिरा हुआ है। प्राकृतिक आवास के नजदीक होने के कारण यहां वन्यजीवों का आना-जाना पुराना है। खमरिया और जीसीएफ के जंगलों से आए दिन तेंदुओं की धमक होती रहती है। लगातार हो रही इन घटनाओं के कारण सुरक्षाकर्मियों और यहां रहने वाले सैकड़ों परिवारों के बीच हर समय डर का माहौल बना रहता है। स्थानीय लोग प्रशासन से इस समस्या के स्थायी समाधान की मांग कर रहे हैं।
