विदिशा। एमपी के विदिशा में करोड़ों रुपये के चर्चित एसबीआई गोल्ड लोन फर्जीवाड़े की जांच के बीच एक बैंककर्मी द्वारा आत्महत्या का प्रयास किए जाने से सनसनी फैल गई। जांच के दायरे में आए एसबीआई के निलंबित बैंककर्मी मनोज सोनी ने खामखेड़ा स्थित अपने फार्म हाउस पर कथित तौर पर छर्रे वाली बंदूक से स्वयं को गोली मार ली। गंभीर रूप से घायल मनोज सोनी को पहले जिला अस्पताल और बाद में मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए भोपाल रेफर कर दिया गया।
गोली की आवाज सुनकर पहुंचे कर्मचारी
जानकारी के अनुसार घटना के समय मनोज सोनी अपने फार्म हाउस पर मौजूद थे। गोली चलने की आवाज सुनकर वहां मौजूद कर्मचारियों ने तत्काल परिजनों को सूचना दी और उन्हें अस्पताल पहुंचाया। चिकित्सकों के अनुसार छर्रे शरीर के ऊपरी हिस्से में लगे हैं। प्रारंभिक जानकारी में एक छर्रा हृदय के समीप लगने की बात सामने आई है, जिसके कारण उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और फार्म हाउस का निरीक्षण कर घटनास्थल से जुड़े तथ्यों की जांच शुरू कर दी।
पुलिस आत्महत्या के प्रयास के कारणों और पूरे घटनाक्रम की विस्तृत पड़ताल कर रही है। बताया जा रहा है कि दो दिन पहले ही जांच एजेंसियों ने गोल्ड लोन फर्जीवाड़े की जांच के सिलसिले में मनोज सोनी के परिवार से जुड़े एमपी ज्वेलर्स प्रतिष्ठान पर कार्रवाई कर उसे सील किया था। इसके बाद से उनका नाम भी जांच के दायरे में था। चार दिन पहले बैंक प्रबंधन ने उन्हें निलंबित भी कर दिया था।
तीन करोड़ से अधिक के संदिग्ध गोल्ड लोन का है मामला
एसबीआई गोल्ड लोन फर्जीवाड़े का मामला जिले के टीलाखेड़ी निवासी गोलू साहू समेत अन्य लोगों की शिकायत के बाद सामने आया। शिकायत में अभिराज शर्मा, भानु शर्मा और अजय विश्वकर्मा पर गोल्ड लोन में धोखाधड़ी के आरोप लगाए गए थे।
बैंक के आंतरिक ऑडिट में आरोप सामने आए कि कम गुणवत्ता अथवा नकली सोना गिरवी रखकर अन्य लोगों के नाम पर गोल्ड लोन स्वीकृत कराए गए और करोड़ों रुपये की राशि निकाली गई। प्रारंभिक जांच में करीब 80 लोगों के नाम पर तीन करोड़ रुपये से अधिक के संदिग्ध ऋण का मामला सामने आया है।
गड़बड़ी की जांच में जुटी एजेंसियां
बैंक की विजिलेंस टीम और अन्य जांच एजेंसियां मामले की जांच कर रही हैं। शाखा प्रबंधक को पहले ही निलंबित किया जा चुका है, जबकि अन्य कर्मचारियों की भूमिका की जांच जारी है। इसी बीच सीबीआई ने भी विदिशा पहुंचकर सराफा कारोबारियों से जुड़े दस्तावेजों की जांच की तथा स्वर्णकार कॉलोनी स्थित एमपी ज्वेलर्स पर कार्रवाई की। जांच एजेंसियां यह भी पता लगा रही हैं कि गोल्ड लोन स्वीकृत करने की प्रक्रिया में सोने की गुणवत्ता के मूल्यांकन में किस स्तर पर अनियमितताएं हुईं। कोतवाली टीआई आनंद राज के मुताबिक सोनी की हालत स्थिर बताई गई है। पुलिस आत्महत्या के प्रयास के मामले की जांच कर रही है।
