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राष्ट्रपति की सुरक्षा और गरिमा के अनुसार तैयार हो रही अतिथियों की सूची



जबलपुर में रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय के 36वें दीक्षांत समारोह की तैयारियां तेज, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू होंगी मुख्य अतिथि

​ जबलपुर। रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय में 21 जून 2026 को आयोजित होने वाले 36वें दीक्षांत समारोह को लेकर प्रशासनिक स्तर पर व्यापक तैयारियां की जा रही हैं। इस ऐतिहासिक और गरिमामयी समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में देश की महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू शामिल होंगी। इस विशेष अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. राजेश कुमार वर्मा ने भोपाल जाकर प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात की और उन्हें दीक्षांत समारोह में शामिल होने के लिए औपचारिक रूप से सादर आमंत्रित किया।  विश्वविद्यालय में लगभग 20 वर्षों के एक लंबे अंतराल के बाद किसी राष्ट्रपति का आगमन होने जा रहा है, जिसे देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था और बैठक व्यवस्था को लेकर गहन मंथन चल रहा है। कुलसचिव प्रो. रविशंकर सोनवाल ने बताया कि तैयारियों को समय पर पूरा करने के लिए विवि में शासकीय अवकाश के दिनों में भी कार्य जारी रहेगा।

दीक्षांत समारोह में सीमित स्थान के कारण बैठक व्यवस्था पर मंथन

​समारोह के लिए निर्धारित मुख्य सभागार में बैठने की क्षमता 486 सीटों की है। विश्वविद्यालय में इस वर्ष 250 से अधिक ऐसे मेधावी छात्र हैं जिन्हें स्वर्ण पदक और मुख्य उपाधियां प्रदान की जानी हैं। इन विद्यार्थियों के साथ-साथ शासन के मंत्रियों, विधायकों और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों की उपस्थिति भी इस कार्यक्रम में सुनिश्चित होनी है। राष्ट्रपति की सुरक्षा और गरिमा को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन और विश्वविद्यालय प्रबंधन मिलकर बैठक व्यवस्था का अंतिम खाका तैयार कर रहे हैं। मुख्य सभागार के भीतर कौन-कौन उपस्थित रहेगा और कितने लोगों को प्रवेश दिया जाएगा, इसका अंतिम निर्णय दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन और लोक भवन भोपाल के अधिकारियों से निरंतर संवाद के बाद ही पूरी तरह से तय किया जाएगा।

विद्यार्थियों और परिजनों के लिए दो स्थानों पर लाइव प्रसारण

​दीक्षांत समारोह में उपाधि प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं के साथ उनके माता-पिता और परिजन भी बड़ी संख्या में शामिल होने पहुंचेंगे। सभागार में जगह की कमी को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है, जिसके तहत कार्यक्रम का दो अलग-अलग स्थानों पर सीधा प्रसारण किया जाएगा। मुख्य कार्यक्रम स्थल के अलावा डीआईसी सहित विश्वविद्यालय के एक अन्य विशाल हॉल में आमंत्रित अतिथियों और परिजनों के बैठने की विशेष व्यवस्था की जा रही है। इस वैकल्पिक पंडाल या हॉल में बड़ी स्क्रीन के माध्यम से लोग पूरे दीक्षांत समारोह को लाइव देख सकेंगे। इस व्यवस्था से गरिमा भी बनी रहेगी और कोई भी व्यक्ति इस ऐतिहासिक पल को देखने से वंचित नहीं रहेगा।

तैयारियों के लिए अवकाश के दिनों में भी खुलेगा विश्वविद्यालय

​इस बड़े आयोजन की महत्ता को देखते हुए विश्वविद्यालय के कुलसचिव ने स्पष्ट आदेश जारी किए हैं कि आने वाले दिनों में शनिवार और रविवार के शासकीय अवकाश के दौरान भी विश्वविद्यालय का प्रशासनिक भवन और शिक्षण विभाग पूरी तरह से खुले रहेंगे। सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे कार्यालयीन समय पर अनिवार्य रूप से उपस्थित रहें और कार्य पूरा होने से पहले परिसर न छोड़ें। किसी अति आवश्यक परिस्थिति में ही कुलगुरु की अनुमति से अवकाश स्वीकृत किया जाएगा। कर्मचारियों को इस अतिरिक्त कार्य दिवस के बदले भविष्य में नियमानुसार अवकाश का लाभ दिया जाएगा ताकि दीक्षांत समारोह की व्यवस्थाओं में किसी भी प्रकार की कमी न रहे।

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