नई दिल्ली. रेलवे को एक जून से नया रेलवे जोन मिल गया है। नवगठित दक्षिण तटीय रेलवे (एससीओआर) जोन ने सोमवार 1 जून से आधिकारिक रूप से कामकाज शुरू कर दिया है। इसके साथ ही देश में रेलवे जोनों की संख्या बढ़कर 18 हो गई है। इस जोन का मुख्यालय विशाखापट्टनम में है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 8 जनवरी 2025 को इसके मुख्यालय की आधारशिला रखी थी।
रेलवे के अनुसार, नए जोन के गठन से आंध्र प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों में रेल सेवाओं के संचालन, यात्री सुविधाओं और रेलवे परियोजनाओं को बेहतर ढंग से आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी। यह जोन दक्षिण मध्य रेलवे और पूर्वी तट रेलवे के कुछ हिस्सों को मिलाकर बनाया गया है। इससे आंध्र प्रदेश के बड़े हिस्से के साथ तेलंगाना और तमिलनाडु के कई क्षेत्रों को भी लाभ मिलेगा।
दक्षिण तटीय रेलवे जोन में चार रेल मंडल विशाखापत्तनम, विजयवाड़ा, गुंटूर और गुंटकल शामिल हैं। इस जोन में करीब 17,000 कर्मचारी काम करेंगे। व्यस्त समय में इसके तहत 500 से अधिक यात्री ट्रेनें और 800 से ज्यादा मालगाडिय़ां संचालित होंगी। यह जोन पूर्वी तट के प्रमुख बंदरगाहों तक माल ढुलाई को भी मजबूत करेगा। विशाखापत्तनम, गंगावरम, कृष्णापट्टनम, काकीनाडा और निर्माणाधीन मुलापेटा बंदरगाह को बेहतर रेल कनेक्टिविटी मिलने से व्यापार और औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने एक्स पर लिखा, दक्षिण तटीय रेलवे जोन की शुरुआत राज्य के लोगों की दशकों पुरानी मांग को पूरा करती है। इससे उत्तरी आंध्र प्रदेश में रेल कनेक्टिविटी मजबूत होगी और क्षेत्र के विकास को गति मिलेगी। वहीं, केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि, दक्षिण तटीय रेलवे जोन की शुरुआत आंध्र प्रदेश, खासकर उत्तर आंध्र के लोगों के लिए लंबे समय से चली आ रही मांग पूरी ई है।
