जबलपुर। शहर में बिजली चोरी और मीटरों से छेड़छाड़ करने वालों के खिलाफ बिजली विभाग ने एक बड़ा और व्यापक अभियान छेड़ दिया है। अधीक्षण अभियंता संजय अरोरा की देखरेख में विभाग की टीमों ने बिजली लीड्स सॉफ्टवेयर से मिले इनपुट के आधार पर लगातार 3 दिनों तक दिन और रात में ताबड़तोड़ दबिश दी। इस कार्रवाई के दौरान दिन में सामान्य जांच की गई, जबकि रात के वक्त औद्योगिक इकाइयों और ई-रिक्शा चार्जिंग केंद्रों पर अचानक छापे मारे गए। सॉफ्टवेयर के जरिए चिन्हित किए गए मीटर से छेड़छाड़ के संभावित 24 ठिकानों की जांच करने पर 19 मामलों में मीटर से छेड़छाड़ या अवैध रूप से मीटर बदला जाना पकड़ा गया, जिन पर विद्युत अधिनियम 2003 के तहत केस दर्ज किए गए। अधीक्षण अभियंता सिटी संजय अरोरा भी मौके पर मौजूद रहे और टीम को गाइड किया। इस विशेष मुहिम के तहत न केवल अवैध रूप से मीटर बदलने वालों पर कानूनी शिकंजा कसा जा रहा है, बल्कि पकड़े जाने पर तुरंत बिजली कनेक्शन भी काटे जा रहे हैं। सख्ती के कारण कई उपभोक्ताओं ने बिजली चोरी का यह खेल करने वाले मुख्य आरोपियों के नामों का भी खुलासा कर दिया है। रात के समय की गई इस विशेष चेकिंग में 11 जगहों पर सीधे तौर पर बिजली चोरी पकड़ी गई, जबकि 2 परिसरों में तय लोड से अधिक बिजली का उपयोग पाया गया। जांच टीम के आने की भनक लगते ही 3 परिसर मालिक मौके से भाग गए और अपने ताले बंद कर लिए, जिन पर विभाग अब पैनी नजर रख रहा है।
इन ई-रिक्शा चार्जिंग केंद्रों पर दर्ज हुए बिजली चोरी के मामले
विभाग की टीमों ने शहर के विभिन्न इलाकों में फैले ई-रिक्शा चार्जिंग ठिकानों पर रात में छापेमारी की। सबसे बड़ी कार्रवाई आधारताल के मक्का नगर में हुई, जहां बड़े पैमाने पर अवैध रूप से ई-रिक्शा चार्ज किए जा रहे थे। इस दौरान शेख मोहसिन खान के 2 अलग-अलग परिसरों, मोहम्मद मजीद के 1 परिसर और मसूद अहमद के 1 परिसर में सीधे बिजली चोरी पकड़ी गई। इसके अलावा नेमा गार्डन क्षेत्र में मोहसिन खान के 1 परिसर, दमोहनाका में सतीश तिवारी के 1 परिसर, मांडवा बस्ती में 3 अलग-अलग ई-रिक्शा चार्जिंग परिसरों और बहोराबाग में मोहम्मद आरिफ के 1 परिसर में बिजली की चोरी पकड़ी गई, जिसके बाद सभी के खिलाफ सख्त मामले दर्ज किए गए।
लोड से अधिक बिजली का इस्तेमाल और बंद फैक्ट्रियों पर विभाग की पैनी नजर
चेकिंग अभियान के दौरान अमखेरा स्थित मुकेश अग्रवाल और दीपक हलदार के ई-रिक्शा चार्जिंग परिसरों की जांच की गई, जहां स्वीकृत लोड से काफी अधिक मात्रा में बिजली का उपयोग होता हुआ पाया गया, जिस पर विभाग ने भार वृद्धि का मामला बनाया। इसके साथ ही विभाग की टीम लगातार 3 दिनों से पसियाना क्षेत्र में स्थित हाजी माजुद्दीन और रईसा बी के एम्ब्राइडरी कारखानों पर भी जांच के लिए पहुंच रही है। वहीं कार्रवाई के डर से मदारछल्ला इलाके में मकबूल खान का परिसर लगातार बंद मिल रहा है। अधिकारियों के अनुसार चेकिंग से बचने के लिए परिसर को जानबूझकर बंद रखा जा रहा है, जिस पर विभाग की पैनी नजर है और आने वाले दिनों में यहां भी आकस्मिक जांच की जाएगी।
