khabar abhi tak

MP हाईकोर्ट ने शहपुरा के ब्रिज मामले में केन्द्र-राज्य सरकार को जारी किया नोटिस, मांगा चार सप्ताह में जवाब

 

जबलपुर। जबलपुर के शहपुरा स्थित क्षतिग्रस्त ब्रिज मामले में आज एमपी हाईकोर्ट ने सुनवाई करते हुए केंद्र और राज्य सरकार को नोटिस जारी कर चार सप्ताह में जवाब मांगा है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 22 जून को होगी।

                                 जबलपुर के शहपुरा निवासी राजेश सिंह राजपूत ने जनहित याचिका दायर कर बताया कि जबलपुर-भोपाल राष्ट्रीय राजमार्ग-45 पर करीब 400 करोड़ रुपए की लागत से बना पुल तीन वर्ष में क्षतिग्रस्त हो गया। पुल का हिस्सा टूटे तीन माह बीत चुके हैं, लेकिन अब तक मरम्मत और निर्माण कार्य पूरा नहीं हो सका है। इसके चलते भारी वाहनों का ट्रैफिक शहपुरा नगर के भीतर से डायवर्ट किया गया है, जिससे आए दिन जाम की स्थिति बन रही है। याचिका में यह भी आरोप लगाया गया कि खराब सड़क और अधूरे मार्ग के बावजूद टोल टैक्स की वसूली जारी है। याचिकाकर्ता का कहना है कि पुल टूटने के बाद से लगातार बड़े ट्रक नगर के अंदर से गुजर रहे हैं, जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बताया गया कि शहपुरा का यह वही ब्रिज है, जिसकी दूसरी लेन दिसंबर में क्षतिग्रस्त हुई थी। इसके बाद से आवागमन एक लेन से कराया जा रहा था, जबकि दूसरी लेन पर मरम्मत और निर्माण कार्य चल रहा था। इसी दौरान पुल के एक अन्य हिस्से में भी धंसाव की स्थिति बन गई, जिसके बाद प्रशासन ने सुरक्षा कारणों से मार्ग बंद कर दिया।

निर्माण में लापरवाही पर अफसरों पर कार्रवाई-

करीब तीन साल पहले बने इस पुल के निर्माण में लापरवाही को लेकर मध्य प्रदेश रोड डबलपमेंट कार्पोरेशन ने तत्कालीन सहायक महाप्रबंधक और संभागीय प्रबंधक के खिलाफ कार्रवाई की अनुशंसा की है। दोनों अधिकारियों की पेंशन रोकने के लिए भी पत्र लिखा गया है। अधिकारियों को कार्य के प्रति गैर जिम्मेदार माना गया है। मार्ग बंद होने के बाद हल्के वाहनों को शहपुरा बस्ती के अंदर से डायवर्ट किया गया है। भारी वाहनों की आवाजाही पर शुरुआत में रोक लगाई गई थी। यातायात व्यवस्था संभालने के लिए पुलिस और प्रशासनिक अमला तैनात किया गया है, लेकिन इसके बावजूद क्षेत्र में लगातार जाम की स्थिति बनी हुई है।


Post a Comment

Previous Post Next Post
khabar abhi tak
khabar abhi tak
khabar abhi tak