बच्ची का इलाज शासन की आरबीएसके योजना, आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना और मुख्यमंत्री बाल हृदय उपचार योजना के तहत पूरी तरह निशुल्क किया गया। इलाज पर करीब 1.60 लाख रुपए का खर्च आया। गौरतलब है कि जन्म के कुछ ही दिनों बाद बच्ची की तबीयत लगातार बिगडऩे लगी। परिजन उसे इलाज के लिए जबलपुर मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे। जांच में पता चला कि बच्ची के दिल में जन्मजात छेद है और उसकी हालत बेहद गंभीर है। डॉक्टरों ने तत्काल बड़े सेंटर पर इलाज की सलाह दी। इसके बाद मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नवीन कोठारी को जानकारी दी गई और तुरंत एयर एम्बुलेंस की व्यवस्था कर बच्ची को मुंबई रवाना किया गया। इस दौरान पिता विक्रम दाहिया और मौसा अजय दाहिया भी साथ रहे। आरबीएसके प्रबंधक सुभाष शुक्ला ने बताया कि बच्ची की स्थिति लगातार बिगड़ रही थी, इसलिए समय रहते एयरलिफ्ट करना जरूरी था।
मुंबई में हुआ सफल ऑपरेशन-
मुंबई में पीडियाट्रिक कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. प्रिया प्रधान और पीडियाट्रिक कार्डियक सर्जन डॉ. प्रदीप कौशिक की टीम ने शनिवार को बच्ची की सफल सर्जरी की। डॉ. प्रिया प्रधान ने बताया कि बच्ची जब अस्पताल पहुंची, तब उसकी हालत बेहद नाजुक थी और ऑक्सीजन लेवल 30 से 50 के बीच था। तत्काल दवाएं शुरू की गईं और एचएनसीयू वार्ड में भर्ती किया गया। इलाज से उसकी हालत में तेजी से सुधार हुआ।
सभी अंग सुरक्षित, तेजी से हो रहा सुधार-
डॉक्टरों के मुताबिक बच्ची के ब्रेन, किडनी और लीवर समेत सभी अंग सामान्य रूप से काम कर रहे हैं। सर्जरी सफल रही है और अब उसकी हालत स्थिर है। जल्द ही उसे पूरी तरह स्वस्थ घोषित किया जा सकता है। स्वास्थ्य विभाग और आरबीएसके टीम के बेहतर समन्वय से यह ऑपरेशन समय पर संभव हो सका, जिससे एक मासूम की जान बच गई।