यह घटना विक्रमपुर पुलिस चौकी क्षेत्र में दोपहर करीब 12 बजे हुई। किस्मत मरावी अन्य बच्चों के साथ जामुन तोडऩे गया था, तभी वह पेड़ के पास से गुजर रही बिजली लाइन के संपर्क में आ गया। करंट लगते ही वह झुलस गया, जिसके बाद साथ मौजूद बच्चों ने परिजनों को सूचना दी।
डॉ. सुरेश मरावी ने बताया कि करंट लगने के मामलों में हृदय पर प्रभाव पडऩे की आशंका रहती है। इसी एहतियात के तौर पर कार्डियक जांच के लिए किशोर को मेडिकल कॉलेज जबलपुर रेफर किया गया है। फिलहाल उसकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।
2 घंटे तक एम्बुलेंस का करना पड़ा इंतजार
घायल किशोर के परिजन लालू मरावी ने बताया कि रेफर होने के बाद से वे 108 एंबुलेंस सेवा पर लगातार संपर्क कर रहे थे, लेकिन करीब दो घंटे तक एंबुलेंस उपलब्ध नहीं हो सकी। इस देरी के कारण मरीज को जबलपुर ले जाने में परेशानी हुई। वहीं, 108 एंबुलेंस सेवा के जिला प्रबंधक रवि वर्मा ने इस संबंध में बताया कि जिले की उपलब्ध एंबुलेंसें अन्य मरीजों को लेकर जबलपुर और शहडोल गई हुई थीं।
