जबलपुर। भारतीय प्रशासनिक व्यवस्था में जमीनी स्तर पर बदलाव लाने और सरकारी योजनाओं को आम जनता तक पहुंचाने में जिला प्रशासन की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण मानी जाती है। इसी कड़ी में देश के उत्कृष्ट जिलाधिकारियों के कार्यों का मूल्यांकन करने के लिए एक राष्ट्रीय सर्वे किया गया। इस देशव्यापी प्रशासनिक सर्वेक्षण में मध्य प्रदेश के संस्कारधानी जबलपुर के कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने अपने शानदार प्रदर्शन, नवाचार और संवेदनशील कार्यशैली की बदौलत सर्वश्रेष्ठ अधिकारियों में स्थान बनाया है। इस मूल्यांकन प्रक्रिया के प्रारंभिक चरण में देश भर के लगभग 800 जिलों में से करीब 100 अधिकारियों को चुना गया था, जिसमें मध्य प्रदेश के 5 प्रमुख अधिकारियों को शामिल किया गया है।जबलपुर कलेक्टर राघवेंद्र सिंह,भोपाल से कौशलेंद्र विक्रम सिंह, नरसिंहपुर से रजनी सिंह, सतना से सतीश कुमार एस और इंदौर से शिवम वर्मा का नाम इस सूची में वर्णाक्षर के अनुसार दर्ज है।
विभिन्न प्रशासनिक मानकों पर हुआ कड़ा मूल्यांकन
इस चयन प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और सटीक बनाने के लिए विशेषज्ञों की राय, ग्राउंड रिपोर्ट्स और व्यापक मीडिया विश्लेषण का सहारा लिया गया है। इस पूरे सर्वे को मुख्य रूप से 10 प्रमुख पैमानों पर केंद्रित रखा गया था। इसमें अधिकारियों की उत्कृष्ट प्रशासनिक क्षमता, प्रभावी गवर्नेंस, दूरदर्शिता, नवाचार, जवाबदेह कार्यशैली, त्वरित निर्णय लेने की क्षमता, संकट प्रबंधन कौशल, संवेदनशीलता, व्यवहार कुशलता और जनसंपर्क क्षमता को परखा गया। जबलपुर कलेक्टर ने इन सभी श्रेणियों में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए एक कुशल प्रशासक के रूप में अपनी मजबूत पहचान दर्ज कराई है।
जनसेवा और जवाबदेह कार्यशैली से मिली सफलता
प्रशासनिक व्यवस्था में एक सक्षम अधिकारी वही माना जाता है जो न केवल कागजों पर काम करे, बल्कि आम लोगों के जीवन में वास्तविक बदलाव लेकर आए। जबलपुर में विकास कार्यों को गति देने और शासन की जनकल्याणकारी नीतियों को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में जिला प्रशासन ने लगातार सक्रियता दिखाई है। संकट के समय बेहतर प्रबंधन और जनता के साथ सीधा संवाद स्थापित करने की क्षमता के कारण ही स्थानीय नेतृत्व को इस राष्ट्रीय स्तर के मूल्यांकन में बेहद सकारात्मक परिणाम मिले हैं।
स्टेकहोल्डर सर्वे के आधार पर श्रेणियों का निर्धारण
शुरुआती दौर में चयनित किए गए लगभग 100 अधिकारियों की कार्यप्रणाली को और गहराई से समझने के लिए एक विस्तृत स्टेकहोल्डर सर्वे भी आयोजित किया गया था। इस प्रक्रिया के अंतर्गत सभी योग्य अधिकारियों को उनके काम की प्रकृति और विशिष्ट उपलब्धियों के आधार पर अलग-अलग श्रेणियों में वर्गीकृत किया गया है। हर वर्ग से सबसे लोकप्रिय और जमीनी स्तर पर असरदार काम करने वाले जिलाधिकारी को चुनकर उनके काम को राष्ट्रीय पटल पर पहचान दी जा रही है, जिससे अन्य लोकसेवकों को भी बेहतर काम करने की प्रेरणा मिल सके।
