जबलपुर/सिवनी. एमपी के सिवनी जिले में नेशनल हाईवे 44 पर मंगलवार की देर रात दो अलग-अलग सड़क हादसे सामने आए। बंडोल थाना क्षेत्र के गोरखपुर टेक के पास कुछ घंटों के अंतराल में जबलपुर से आ रही दो यात्री बसें सड़क किनारे खड़े ट्रैक्टरों से टकरा गईं। दोनों हादसों में यात्रियों को गंभीर चोट नहीं आई, लेकिन घटनाओं ने हाईवे पर अव्यवस्थित यातायात और सुरक्षा इंतजामों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पहला हादसा मंगलवार रात करीब 9:30 बजे हुआ। छपारा से सिवनी की ओर आ रही एक यात्री बस गोरखपुर टेक के पास सड़क किनारे खड़े ट्रैक्टर से जा टकराई। टक्कर के बाद बस में बैठे यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। हालांकि चालक ने सूझबूझ दिखाते हुए वाहन को संभाल लिया, जिससे बड़ा हादसा टल गया। घटना में किसी यात्री को गंभीर चोट नहीं आई।
तीन घंटे बाद फिर हुआ हादसा
पहले हादसे के कुछ घंटे बाद उसी जगह पर दूसरा हादसा हो गया। रात करीब 12:30 बजे जबलपुर की ओर से सिवनी आ रही एक दूसरी यात्री बस भी सड़क किनारे खड़े ट्रैक्टर से टकरा गई। लगातार दूसरी दुर्घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि हाईवे किनारे लंबे समय से ट्रैक्टर-ट्रॉलियां खड़ी रहती हैं, जिससे रात के समय हादसे का खतरा बना रहता है।
उपार्जन केंद्रों के कारण लग रही कतारें
जानकारी के मुताबिक, हाईवे के आसपास स्थित गेहूं उपार्जन केंद्रों और वेयरहाउस तक पहुंचने के लिए ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की लंबी लाइन लग रही है। पर्याप्त पार्किंग व्यवस्था नहीं होने के कारण वाहन सड़क किनारे ही खड़े कर दिए जाते हैं। रात के समय कई ट्रैक्टरों में रिफ्लेक्टर और संकेतक लाइट नहीं होने से तेज रफ्तार वाहनों को उन्हें देख पाना मुश्किल हो जाता है, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ रही है।
