बालाघाट। बालाघाट के वन विकास निगम लामता प्रोजेक्ट के चमरवाही बीट में तेंदूपत्ता संग्रहण कर रहे एक ग्रामीण पर बाघ ने हमला कर दिया। बाघ झाडिय़ों में छिपा था और उसने अचानक ग्रामीण की गर्दन दबोच ली। इस दौरान साथ मौजूद महिलाओं के शोर मचाने पर बाघ उसे करीब एक किलोमीटर दूर नाले के पास घसीट ले गया। घटना से गुस्साए ग्रामीणों ने लालबर्रा मुख्य मार्ग पर शव रखकर प्रदर्शन किया।
बताया गया है कि सिवनी निवासी इंद्रकुमार उम्र 45 वर्ष चार महिलाओं के साथ जंगल में तेंदू पत्ते बीन रहा था। इस दौरान झाडिय़ों में छिपे बाघ ने अचानक हमला कर दिया। बाघ द्वारा हमला करते हुए साथियों ने शोर मचाना शुरु कर दिया, यहां तक कि पथराव कर बाघ को भगाने की कोशिश की लेकिन बाघ ने इंद्रकुमार की गर्दन को दबोचा और जंगल में करीब एक किलोमीटर तक भागता रहा। घटना की खबर मिलते ही वन विभाग व पुलिस की टीम पहुंच गई और तलाशी अभियान शुरु कर दिया। घटना स्थल से करीब एक किलोमीटर दूर जाने के बाद जंगल में नाले के पास इंद्रकुमार की क्षत विक्षत हालत में लाश मिली। घटना की खबर मिलते ही ग्रामीण भी मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों सौंप दिया। घटना से गुस्साए ग्रामीणों ने मृतक का शव रखकर प्रदर्शन शुरु कर दिया। ग्रामीणों द्वारा परिजनों को मुआवजे की मांग की गई। वहीं वन विभाग के अधिकारियों ने ग्रामीणों को जानकारी दी कि वन्यप्राणी हमले में मौत होने पर शासन की ओर से कुल 8 लाख रुपए की मुआवजा राशि स्वीकृत की गई है। इसमें से 20,000 रुपए की तात्कालिक सहायता राशि परिजनों को मौके पर ही सौंप दी गई है। शेष 7.80 लाख रुपए कागजी औपचारिकताएं पूरी होते ही पीडि़त परिवार के बैंक खाते में ट्रांसफर करेंगे।
एक महीने में बाघ का दूसरा हमला-
क्षेत्रवासियों ने बताया कि लामता रेंज में एक महीने के भीतर बाघ के हमले की यह दूसरी घटना है। इससे पहले अंतरा गांव में भी एक व्यक्ति की जान जा चुकी है। लगातार हो रहे हमलों से लालबर्रा और लामता क्षेत्र के ग्रामीण दहशत में हैं। वन विभाग ने जंगल की सीमाओं पर 24 घंटे की गश्त शुरू कर दी है और ग्रामीणों को अकेले जंगल न जाने की सलाह दी है।
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