जबलपुर में बरगी डैम क्रूज हादसे की जांच में देरी, पीड़ित परिवारों में बढ़ता आक्रोश
जबलपुर। बरगी डैम में 30 अप्रैल 2026 को हुए भीषण क्रूज हादसे को बीते हुए एक पखवाड़े से अधिक का समय बीत चुका है। इस दर्दनाक घटना में 13 लोगों की जान चली गई थी, जिससे पूरे राज्य में शोक और आक्रोश का माहौल व्याप्त था। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घटना के अगले दिन पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर मामले की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए थे। इसके बाद मध्य प्रदेश शासन के सामान्य प्रशासन विभाग ने 10 मई 2026 को न्यायिक जांच आयोग गठित करने की अधिसूचना जारी की। राज्यपाल के आदेश पर अपर सचिव दिनेश कुमार मौर्य के हस्ताक्षर से जारी इस अधिसूचना के तहत बरगी बांध क्रूज दुर्घटना की जांच आयोग अधिनियम 1952 के प्रावधानों के अनुसार कराई जाएगी। जांच आयोग के अध्यक्ष पद पर हाई कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति संजय द्विवेदी को नियुक्त किया गया है, जिन्हें तीन माह के भीतर अपनी रिपोर्ट शासन को सौंपनी है।
जांच आयोग के सामने बुनियादी सुविधाओं का अभाव
आयोग के गठन के बाद उम्मीद थी कि जांच प्रक्रिया में तेजी आएगी, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही है। अब तक आयोग का कामकाज पूरी तरह शुरू नहीं हो पाया है। सूत्रों के अनुसार, अभी तक आयोग को न तो कोई आधिकारिक दफ्तर आवंटित किया गया है और न ही जांच टीम के बैठने की उचित व्यवस्था की गई है। कार्यलय के लिए संसाधन जुटाने और कर्मचारियों की नियुक्ति जैसी प्राथमिक प्रक्रियाएं भी अभी अधूरी हैं।
आयोग की समय-सीमा पर उठे गंभीर सवाल
शासन द्वारा न्यायमूर्ति संजय द्विवेदी की अध्यक्षता में गठित इस एकल जांच आयोग को अपनी अंतिम रिपोर्ट सौंपने के लिए 3 माह का समय दिया गया है। हालांकि, आयोग के कार्य में अभी तक कोई ठोस शुरुआत दिखाई नहीं देने से अब रिपोर्ट समय पर आने को लेकर सवाल खड़े होने लगे हैं। जब तक ऑफिस और जरूरी स्टाफ नहीं होगा, तब तक जांच प्रक्रिया का आगे बढ़ना मुश्किल नजर आ रहा है।
दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग तेज
हादसे के शिकार हुए परिवारों और क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों का धैर्य अब जवाब देने लगा है। पीड़ित परिजन लगातार दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग कर रहे हैं। आम लोगों का कहना है कि प्रशासन इस संवेदनशील मामले में ढिलाई बरत रहा है, जिससे न्याय मिलने में देरी हो रही है। लोग चाहते हैं कि जांच आयोग जल्द से जल्द सक्रिय होकर अपना काम शुरू करे ताकि घटना के कारणों का पता चल सके और भविष्य में ऐसी त्रासदियों को रोका जा सके।
