जबलपुर। छोटा फुहारा क्षेत्र में रहने वाले प्रसिद्ध रियल एस्टेट कारोबारी और कॉलोनाइजर शरद मोर द्वारा कथित तौर पर जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या की कोशिश करने का गंभीर मामला सामने आया है। घटना की जानकारी मिलते ही उनके परिवार में कोहराम मच गया। परिजन उन्हें तुरंत निजी अस्पताल लेकर पहुंचे जहां डॉक्टरों की विशेष निगरानी में उनका उपचार किया जा रहा है। चिकित्सकों ने उनकी हालत फिलहाल चिंताजनक बताई है। शरद मोर शहर के एक स्थापित व्यवसायी हैं और उन्होंने कई कॉलोनियों का विकास किया है। इस घटना की खबर फैलते ही अस्पताल में परिचितों और व्यापारिक जगत से जुड़े लोगों की भीड़ जमा हो गई है।
सूदखोरों के उत्पीड़न और भारी ब्याज वसूली का आरोप
परिजनों ने शरद मोर के इस कदम के पीछे सूदखोरों द्वारा किए जा रहे मानसिक उत्पीड़न को मुख्य कारण बताया है। परिवार का आरोप है कि शरद मोर ने कुछ समय पहले निजी लेनदेन के तहत कुछ लोगों से नकद राशि उधार ली थी। इसके बदले में उन पर 10 से 20 प्रतिशत तक का अत्यधिक ब्याज चुकाने का दबाव बनाया जा रहा था। लगातार आ रहे फोन कॉल्स और धमकियों के कारण वे गहरे मानसिक तनाव में थे। परिजनों का कहना है कि उन्होंने पहले भी कई बार अपनी जान को खतरा होने की बात कही थी। शहर में इस तरह का अवैध ब्याजखोरी का नेटवर्क तेजी से सक्रिय है जो आर्थिक संकट में फंसे लोगों को फंसाकर उनका शोषण करता है।
पुलिस ने शुरू की जांच,दस्तावेज मंगाए
मामले की सूचना मिलते ही पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। परिजनों ने उन कथित सूदखोरों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है जिनके दबाव में आकर कारोबारी ने यह कठोर कदम उठाया। यह पहला मौका नहीं है जब शहर में ब्याजखोरी को लेकर कोई विवाद हुआ हो। इससे पहले विजयनगर क्षेत्र में भी सूदखोरी के चलते चाकूबाजी की हिंसक वारदात हो चुकी है। पुलिस अब शरद मोर के फोन रिकॉर्ड और लेनदेन से जुड़े दस्तावेजों की पड़ताल कर रही है ताकि आरोपियों की पहचान की जा सके। शहर के व्यापारिक संगठनों ने भी इस घटना पर चिंता जाहिर करते हुए अवैध नेटवर्क पर लगाम लगाने की मांग की है।
