विक्टोरिया अस्पताल में डॉक्टरों की विशेष टीम तैनात, 37 बच्चों का इलाज जारी
जबलपुर। डुमना रोड स्थित भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी, डिजाइन और विनिर्माण संस्थान परिसर में आयोजित एनसीसी के 10 दिवसीय संयुक्त वार्षिक प्रशिक्षण शिविर में भीषण गर्मी के कारण 37 कैडेट्स बीमार हो गए। वन एमपी आर्म्ड स्क्वाड्रन एनसीसी द्वारा 14 मई से आयोजित इस सीएटीसी-98 कैंप में कुल 807 विद्यार्थी शामिल हुए थे। गुरुवार को तापमान 43 डिग्री तक पहुंचने के बावजूद मैदान पर कड़ा अभ्यास कराया गया, जिससे 17 लड़कियों और 20 लड़कों सहित 37 बच्चों को डिहाइड्रेशन, उल्टी और चक्कर आने की शिकायत पर विक्टोरिया जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर नवीन कोठारी ने जांच के बाद इसे अत्यधिक गर्मी से जनित डिहाइड्रेशन बताया है। इस घटना के बाद कैंप में भारी हंगामा हुआ और सुरक्षा के लिहाज से स्थानीय अभिभावक अपने बच्चों को घर ले गए, जिससे 500 से अधिक बच्चों वाले इस शिविर में अब केवल दूसरे जिलों के 50 से 75 बच्चे ही शेष बचे हैं।
भीषण तपन और अव्यवस्थाओं से बिगड़े हालात
इस प्रशिक्षण शिविर में शामिल विद्यार्थियों को पिछले कई दिनों से सुबह से लेकर दोपहर की तेज धूप में लगातार कठिन शारीरिक अभ्यास कराया जा रहा था। गुरुवार को पारा 43 डिग्री पर पहुंचने के बाद भी बच्चों से मैदान में कड़ी मेहनत कराई गई। शाम होते-होते कड़े अभ्यास के कारण बच्चों के शरीर में पानी की भारी कमी हो गई। इसके बाद कई कैडेट्स को लगातार उल्टियां होने लगीं और वे चक्कर खाकर मैदान पर ही गिरने लगे। मैदान पर छांव, ठंडे पानी या ओआरएस घोल जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध नहीं होने से बच्चों की हालत अधिक खराब हुई।
अस्पताल में रात से सुबह तक भर्ती हुए बच्चे
गुरुवार की रात को सबसे पहले 31 बीमार बच्चों को जिला अस्पताल विक्टोरिया के आपातकालीन वार्ड में लाया गया था। इसके बाद शुक्रवार की सुबह करीब 6 बजे 2 और बच्चों की हालत बिगड़ने पर उन्हें भी भर्ती कराया गया। धीरे-धीरे अन्य बच्चों में भी इसी तरह के लक्षण दिखने पर कुल पीड़ित बच्चों की संख्या बढ़कर 37 तक पहुंच गई। अस्पताल प्रशासन ने डॉक्टरों की विशेष टीम को बच्चों की चौबीस घंटे निगरानी में लगा दिया है। सभी बच्चों को वार्डों में शिफ्ट कर तुरंत ग्लूकोज की ड्रिप चढ़ाई गई, जिससे उनके स्वास्थ्य में सुधार देखा जा रहा है।
हंगामे के बाद खाली हुआ प्रशिक्षण शिविर
जैसे ही बच्चों के बीमार होने और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराए जाने की खबर फैली, वैसे ही शिविर में शामिल अधिकांश बच्चों के माता-पिता और परिजन घबराकर जिला अस्पताल विक्टोरिया पहुंच गए। अस्पताल परिसर में एकत्र हुए परिजनों ने प्रशिक्षण आयोजकों के खिलाफ अपना कड़ा आक्रोश व्यक्त किया। अव्यवस्थाओं से नाराज स्थानीय अभिभावक अपने बच्चों को वापस घर ले गए। इसके चलते शिविर में मौजूद 500 से अधिक बच्चों में से अब केवल अन्य जिलों के रहने वाले 50 से 75 बच्चे ही वहां बचे हैं।
चिकित्सकीय जांच में डिहाइड्रेशन की पुष्टि
मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर नवीन कोठारी ने स्वयं अस्पताल पहुंचकर बच्चों के स्वास्थ्य की जांच की। उन्होंने स्पष्ट किया कि बच्चों में फूड प्वाइजनिंग जैसी कोई समस्या नहीं पाई गई है। बच्चों में दिखाई दे रहे सभी लक्षण केवल अत्यधिक गर्मी और लू के कारण पैदा हुए गंभीर डिहाइड्रेशन के हैं। डॉक्टर कोठारी के अनुसार सभी बच्चों का बेहतर उपचार जारी है और पूरी तरह स्वस्थ होने पर बच्चों को दोपहर 12 बजे से लेकर शाम तक चरणबद्ध तरीके से अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया जाएगा।
