जबलपुर। मप्र पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के मंडला सर्किल अंतर्गत महाराजपुर डीसी में एक दर्दनाक हादसा सामने आया है। यहां कार्यरत ठेका कंपनी जीडी नाकरानी के आउटसोर्स कर्मचारी जगन्नाथ परते की करंट की चपेट में आने से मौत हो गई। यह हादसा 2 मई को उस समय हुआ जब कर्मचारी कनिष्ठ अभियंता के आदेश पर 11 केवी लाइन में आई खराबी को ठीक कर रहा था। काम के दौरान अचानक बिजली आपूर्ति शुरू हो गई, जिससे कर्मचारी बुरी तरह झुलस गया। उसे गंभीर हालत में नागपुर के अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां 12 मई को उपचार के दौरान उसने दम तोड़ दिया।
लाइन सुधार के दौरान अचानक चालू हुई बिजली सप्लाई
मध्य प्रदेश विद्युत मंडल तकनीकी कर्मचारी संघ के प्रांतीय महासचिव हरेंद्र श्रीवास्तव के अनुसार, लाइन सुधार कार्य शुरू करने से पहले कनिष्ठ अभियंता ने बाकायदा बिजली सप्लाई बंद करने का परमिट लिया था। परमिट लेने के बावजूद बिजली की सप्लाई कैसे शुरू हो गई, यह गंभीर लापरवाही का मामला है और जांच का विषय है। अचानक लाइन चालू होने से जोरदार स्पार्क हुआ और खंभे पर काम कर रहा कर्मचारी उसकी चपेट में आ गया। इस हादसे के बाद न तो बिजली कंपनी के अधिकारी और न ही ठेका कंपनी के प्रतिनिधि कर्मचारी का हालचाल जानने पहुंचे।
परिजनों ने ब्याज पर पैसे लेकर कराया उपचार
हादसे के बाद ठेका कंपनी और बिजली विभाग ने पीड़ित परिवार की कोई आर्थिक मदद नहीं की। मजबूरन परिजनों ने दूसरों से ब्याज पर मोटी रकम उधार लेकर नागपुर में कर्मचारी का इलाज कराया, लेकिन तमाम कोशिशों के बाद भी उसे बचाया नहीं जा सका। इस असंवेदनशीलता को लेकर कर्मचारी संगठन में भारी आक्रोश है। संगठन के पदाधिकारियों ने बिजली कंपनी प्रबंधन से मांग की है कि पीड़ित परिवार को तुरंत सहायता राशि दी जाए और मृतक के आश्रित को आउटसोर्स पर नौकरी दी जाए। इस मामले में हरेंद्र श्रीवास्तव, एन लोखंडे, एसके मौर्य, एसके शाक्य, दशरथ शर्मा, शशि उपाध्याय, मदन पटेल, मोहन दुबे, राजकुमार सैनी, अजय कश्यप, विनोद दास, मुकेश पटेल, अमित मेहरा, जगदीश मेहरा व राकेश नामदेव ने आक्रोश व्यक्त करते हुए मृतक के परिजनों की सहायता करने की अपील की है।
