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AIRF/WCREU का प्रयास रंग लाया : ट्रैक मेंटेनर अब बिना परीक्षा के पदोन्नति पाकर बन सकेंगे इंजीनियर

जबलपुर. देश भर के लाखों ट्रैक मेंटेनर्स के लिए यह बड़ी खुशखबरी है. अब वे सीधे जूनियर इंजीनियर (रेल पथ) में पदोन्नति पाकर अधिकारी बन सकेंगे। रेलवे बोर्ड ने इससे जुड़ा आदेश जारी कर दिया है।

नई व्यवस्था के तहत रेलवे की हर भर्ती में 20 प्रतिशत सीटें वरिष्ठता और एपीएआर (एनुअल परफार्मेंस एप्रेजल रिपोर्ट) के आधार पर भरी जाएंगी। रेलवे बोर्ड के उपनिदेशक संजय कुमार ने इस संबंध में आदेश जारी किया है।

रेलवे में ट्रैक मेंटेनर (पूर्व में गैंगमैन/ट्रैकमैन) को पदोन्नति के बाद जूनियर इंजीनियर (पाथवे) की जिम्मेदारी मिलती है। सुपरवाइजर रैंक के इस पद पर पहुंचते ही वेतन ग्रेड भी ट्रैक मेंटेनर के अधिकतम ग्रेड पे 2800 रुपये से बढ़कर 4200 रुपये हो जाएगा।

क्या है नई व्यवस्था

नई व्यवस्था के अनुसार कुल रिक्तियों में 60 प्रतिशत भर्ती रेलवे भर्ती बोर्ड (आरआरबी) के जरिये होगी। 20 प्रतिशत सीटें उन कर्मचारियों को मिलेंगी, जो दो साल की सेवा पूरी करने के बाद विभागीय परीक्षा देकर पदोन्नति पाना चाहते हैं, जबकि शेष 20 प्रतिशत सीटें वरिष्ठता और बेहतर वार्षिक कार्य प्रदर्शन के आधार पर ट्रैक मेंटेनरों को मिलेंगी।

एआईआरएफ-डबलूसीआरईयू ने बोर्ड पर बनाया दबाव, हुआ आदेश

आल इंडिया रेलवेमेंस फेडरेशन (एआईआरएफ) व वेस्ट सेेंट्रल रेलवे एम्पलाइज यूनियन (डबलूसीआरईयू) ने इस महत्वपूर्ण पद पर ट्रैक मेंटेनर को उनकी वरीयता के आधार पर उन्हें विभागीय पदोन्नति कोटा निर्धारित करने की मांग रखी। विभिन्न स्तरों पर बैठक और उच्च स्तरीय अधिकारियों के समक्ष लिखित परीक्षा की बाध्यता को समाप्त करने की तर्कसंगत मांग को लगातार उठाया गया। इसके परिणामस्वरूप स्वीकृति प्रदान की गई। डबलूसीआरईयू के महामंत्री व एआईआरएफ के असिस्टेंट जनरल सैक्रेट्री का. मुकेश गालव ने कहा कि ट्रैक मेंटेनर की यह पुरानी मांग थी। जिसके लिये लगातार विभिन्न मंचों के माध्यम से रेलवे बोर्ड में दबाव बनाया जाता रहा, फलस्वरूप यह आदेश  हुआ है. इसका लाभ पमरे समेत देशभर के ट्रैक मेंटेनर को मिलेगा।


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