पुलिस को शिकायत देते हुए पीडि़त हंसराज लिल्हारे पिंडकेपार गांव में किसानों के खेतों से काटी गई लकड़ी को ट्रक में लोड करवा रहे थे। तभी प्रफुल्ल, ब्रजेश, अलीम, अभिषेक, फारूख और संतोष मौके पर पहुंचे। उन्होंने हंसराज पर लकड़ी चोरी का आरोप लगाकर धमकाया और ऋ षि शुक्ला को बुलाकर दो लाख रुपये की मांग की। पीडि़त हंसराज ने डरकर ऋ षि शुक्ला को फोन-पे के माध्यम से 90 हजार रुपए का भुगतान किया। इसके बाद उन्होंने खैरलांजी थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। खैरलांजी थाना प्रभारी दीपक गौतम ने बताया कि मामले की जांच के बाद जबरन वसूली का प्रकरण दर्ज किया गया। उन्होंने पुष्टि की कि चार आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया है। हालांकि, अभिषेक, फारूख और संतोष नामक तीन अन्य आरोपी अभी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है। इस मामले में जिला पंचायत सदस्य मधु शुक्ला का बयान भी सामने आया है। उन्होंने कहा कि हाल ही में उनके द्वारा अतिक्रमण हटाने के लिए की गई कार्रवाई से नाराज लोगों ने राजनीतिक षड्यंत्र के तहत उनके पति को फंसाया है। मधु शुक्ला ने दावा किया कि उनके पति केवल माध्यम की भूमिका में थे और उन्हें न्यायालय पर पूरा भरोसा है कि उन्हें न्याय मिलेगा।