उज्जैन. एमपी के उज्जैन संभाग आयुक्त ने टोंकखुर्द एसडीएम संजीव सक्सेना, नायब तहसीलदार रवि शर्मा और सोनकच्छ एसडीओपी दीपा मांडवे को सस्पेेंड कर दिया हैं। यह कार्रवाई 14 मई को हुई देवास जिले की पटाखा फैक्टरी में 5 लोगों की मौत के बाद की गई। हादसे में घायल 1 दर्जन से ज्यादा मजदूरों का अस्पतालों में इलाज चल रहा हैं। कुछ गंभीर घायल जिंदगी और मौत से जंग लड़ रहे हैं।
उज्जैन संभाग आयुक्त कार्यालय के अधिकारियों द्वारा की गई जांच में सामने आया कि टोंकखुर्द एसडीएम संजीव सक्सेना, नायब तहसीलदार रवि शर्मा और सोनकच्छ एसडीओपी दीपा मांडवे द्वारा शासन स्तर से जारी निर्देशों के आधार पर समय-समय पर संबंधित फैक्टरी के संचालन के संबंध में निरीक्षण नहीं किया। इनकी ओर से किसी प्रकार से वरिष्ठ कार्यालय को प्रतिवेदन प्रेषित नहीं किया जाना पाया गया है। घोर लापरवाही और उदासीनतापूर्ण आचरण पर उनके खिलाफ यह एक्शन लिगा गया है। निलंबन अविध तक उन्हें भोपाल पुलिस मुख्यालय अटैच किया है।
पटाखा फैक्टरी हादसे की होगी न्यायिक जांच
पटाखा फैक्टरी हादसे की न्यायिक जांच के लिए सरकार ने आदेश जारी किया है। रिटायर्ड हाईकोर्ट जज सुशील काकड़े की अध्यक्षता में एक सदस्यीय जांच आयोग बनाई है। प्रदेश सरकार ने एक महीने में जांच पूरी कर रिपोर्ट मांगी है। जिसके बाद संबंधित अधिकारियों, फैक्टरी मालिक समेत अन्य पर दोषियों पर एक्शन होगा।
घटना की पुनरावृत्ति रोकने व्यवस्थाओं में करेंगे सुधार
जांच में भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सुरक्षा उपायों, निरीक्षण प्रणाली, आपदा प्रबंधन और नियामक व्यवस्था में सुधार संबंधी अनुशंसा की जाएगी। आयोग, इस अधिसूचना के प्रकाशन की तारीख से एक माह के भीतर अपनी जांच पूरी करेगा और रिपोर्ट राज्य शासन को प्रस्तुत करेगा।
दूर तक उड़कर गिरे थे मजदूरों के चिथड़े
देवास जिले में मक्सी रोड स्थित फटाखा फैक्टरी में 14 मई की सुबह करीब 11:30 बजे ब्लास्ट हुआ था। सूचना मिली है कि फैक्टरी में बड़ी मात्रा में बारूद स्टॉक किया गया था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, धमाका इतना जोरदार था कि कई किलो मीटर दूर तक इसकी आवाज सुनी गई। धमाके से फैक्टरी में मौजूद कुछ लोगों के चिथड़े उड़कर दूर तक जा गिरे।
5 की मौत, 13 घायलों का इलाज जारी
फैक्टरी में हुए धमाके में 5 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई थी। जबकि 13 गंभीर अन्य घायलों का अलग-अलग अस्पतालों में इलाज चल रहा है। इसमें कई 90 प्रतिशत तक झुलस चुके हैं, जो जिंदगी और मौत से लड़ाई लड़ रहे हैं। डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा की सतत नजर बनाए हुए हैं।
