नई दिल्ली. आईपीएल की दुनिया में एक बड़ी कारोबारी हलचल सामने आई है। राजस्थान रॉयल्स को लेकर अरबों रुपये की डील की खबरों ने खेल और कॉरपोरेट जगत का ध्यान खींच लिया है। उद्योगपति लक्ष्मी निवास मित्तल और आदित्य मित्तल के नेतृत्व में मित्तल परिवार ने अदार पूनावाला के साथ मिलकर फ्रेंचाइजी में बड़ी हिस्सेदारी लेने के लिए समझौता किया है।
बताया जा रहा है कि इस डील की कुल वैल्यू करीब 1.65 बिलियन अमेरिकी डॉलर (लगभग 15,660 करोड़ रुपए) आंकी गई है। खास बात यह है कि इस सौदे में सिर्फ आईपीएल टीम ही नहीं, बल्कि पार्ल रॉयल्स और बारबाडोस रॉयल्स भी शामिल हैं, जिससे यह डील और भी बड़ी बन जाती है।
हिस्सेदारी का नया समीकरण
डील पूरी होने के बाद मित्तल परिवार के पास करीब 75 प्रतिशत हिस्सेदारी होगी, जबकि अदार पूनावाला लगभग 18 प्रतिशत हिस्सेदारी बनाए रखेंगे। शेष 7 प्रतिशत हिस्सेदारी मौजूदा निवेशकों के पास रहेगी, जिनमें मनोज बडाले भी शामिल हैं। बडाले टीम के साथ जुड़े रहेंगे और संचालन में अहम भूमिका निभाते रहेंगे।
मंजूरी अभी बाकी
हालांकि यह सौदा अभी अंतिम चरण में नहीं पहुंचा है। इसे भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (बीसीसीआई), कम्पटीशन कमीशन ऑफ इंडिया (सीसीआई) और आईपीएल गवर्निंग काउंसिल जैसी नियामक संस्थाओं से मंजूरी मिलना बाकी है। उम्मीद की जा रही है कि 2026 की तीसरी तिमाही तक यह प्रक्रिया पूरी हो सकती है।
बोर्ड में होंगे बड़े नाम
डील के बाद लक्ष्मी मित्तल, आदित्य मित्तल, वनिशा मित्तल भाटिया, अदार पूनावाला और मनोज बडाले फ्रेंचाइजी के बोर्ड में शामिल होंगे। लक्ष्मी मित्तल ने कहा कि उनका राजस्थान से गहरा जुड़ाव है और क्रिकेट के प्रति उनका लगाव उन्हें इस निवेश तक लेकर आया। वहीं आदित्य मित्तल ने इंडियन प्रीमियर लीग को दुनिया की सबसे बड़ी खेल लीगों में से एक बताते हुए इस साझेदारी को लेकर उत्साह जताया। अदार पूनावाला ने भी कहा कि राजस्थान रॉयल्स की मजबूत विरासत है और वह इसे आगे ले जाने में अपनी भूमिका निभाने को लेकर उत्साहित हैं।
