जबलपुर पुलिस ने झांसी से दबोचा शातिर ठग परिवार, 20 किलो नकली सोना और 11 मोबाइल जब्त
जबलपुर। जबलपुर पुलिस की अपराध शाखा ने अंतर्राज्जीय स्तर पर सक्रिय एक शातिर ठग गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए फरीदाबाद के एक ही परिवार के 4 सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधीक्षक सम्पत उपाध्याय के निर्देश पर हुई इस कार्रवाई में आरोपियों के पास से 1 करोड़ 55 लाख रुपए की नगद राशि, 84 ग्राम असली सोना, 20 किलोग्राम नकली सोना और 11 मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अपराध जितेन्द्र सिंह और डीएसपी उदयभान बागरी के मार्गदर्शन में टीम ने इस गिरोह को पकड़ने में सफलता हासिल की है।
गड़ा धन और इलाज का झांसा देकर ठगी
पकड़े गए आरोपियों की पहचान पन्नालाल राठौर, उसके पुत्रों धर्मेंद्र और वीरेंद्र तथा पत्नी रामादेवी के रूप में हुई है। यह परिवार हरियाणा के फरीदाबाद जिले के थाना आदर्शनगर क्षेत्र का निवासी है। इस गिरोह के सदस्य लोगों को अपनी बातों में फंसाने के लिए पहले इलाज कराने के बहाने संपर्क करते थे। इसके बाद वे स्वयं को मजदूर बताकर खुदाई के दौरान भारी मात्रा में गड़ा हुआ सोना मिलने का प्रलोभन देते थे। विश्वास जीतने के लिए आरोपी शुरू में असली सोने की गिन्नियां देते थे ताकि पीड़ित उसे सुनार से जांच करवा कर आश्वस्त हो जाए। एक बार जब व्यक्ति लालच में आ जाता, तो उसे भारी मात्रा में नकली सोना थमाकर करोड़ों रुपए ऐंठ लिए जाते थे।
तीन अलग-अलग वारदातों में करोड़ों की चपत
ठगों ने जबलपुर क्षेत्र में तीन बड़ी वारदातों को अंजाम दिया है। पहली घटना में सोनू प्रजापति बनकर आरोपी ने एक व्यक्ति को 5 असली गिन्नियां दिखाकर और 1 लाख रुपए एडवांस लेकर भरोसा जीता। बाद में कटनी बस स्टैंड पर 7 किलोग्राम नकली सोना देकर 10 लाख रुपए की ठगी की। दूसरी वारदात में इसी गिरोह ने भेड़ाघाट क्षेत्र में खुदाई के दौरान सोना मिलने की कहानी सुनाकर एक अन्य व्यक्ति से 50 लाख रुपए ऐंठे और उसे 5 किलोग्राम नकली सोना थमा दिया। तीसरी घटना में आरोपियों ने इसी कार्यप्रणाली का उपयोग करते हुए 12 किलोग्राम नकली सोना देकर एक करोड़ रुपए की बड़ी राशि हड़प ली। इन सभी मामलों में थाना अपराध में भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किए गए।
तकनीकी साक्ष्यों से झांसी में हुई गिरफ्तारी
पुलिस अधीक्षक द्वारा गठित विशेष टीम ने जब जांच शुरू की तो आरोपियों की लोकेशन झांसी में मिली। टीम ने तत्काल घेराबंदी कर चारों आरोपियों को हिरासत में लिया और जबलपुर लाकर कड़ी पूछताछ की। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने पनागर क्षेत्र में एक मकान किराए पर ले रखा था, जहां वे ठगी की रकम छिपाकर रखते थे। पुलिस ने उनकी निशानदेही पर पनागर स्थित किराए के मकान की तलाशी ली, जहां से 1 करोड़ 55 लाख रुपए की नगद राशि और भारी मात्रा में नकली सोना बरामद हुआ। आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि वे पकड़ में आने के डर से सोना बाहर नहीं ले जा पा रहे थे।
पुलिस टीम में विशेष भूमिका
इस बड़े गिरोह का पर्दाफाश करने में थाना प्रभारी शैलेष मिश्रा, उप निरीक्षक प्रभाकर सिंह, सहायक उप निरीक्षक अशोक मिश्रा, संतोष पांडेय और सायबर सेल के उपनिरीक्षक कपूर सिंह मरावी की मुख्य भूमिका रही। इसके साथ ही प्रधान आरक्षक मनीष सिंह, सुतेन्द्र यादव, अमित पटेल और आरक्षक प्रीतम उपाध्याय, शिव सिंह बघेल, राजेश मिश्रा, राजेश मातरे, सतीष कुमार दुबे, मुकेश परिहार, नीरज उपाध्याय, पवन डेहरिया, अजय, संदीप पांडेय सहित महिला आरक्षक नीलम तिवारी और दीप्ती मिश्रा ने महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाने और आरोपियों तक पहुंचने में सराहनीय कार्य किया है। फिलहाल पुलिस आरोपियों से अन्य वारदातों के संबंध में पूछताछ कर रही है।
