जबलपुर। मध्यप्रदेश शासन के ऊर्जा विभाग ने आगामी नेशनल लोक अदालत के लिए बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत देने का निर्णय लिया है। यह अदालत 09 मई 2026 को आयोजित की जाएगी। इसमें विद्युत चोरी और अनधिकृत उपयोग के प्रकरणों का आपसी सहमति से निराकरण किया जाएगा। इस विशेष योजना का लाभ मध्यप्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के दायरे में आने वाले सभी पात्र उपभोक्ताओं को प्राप्त होगा। शासन द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार यह छूट प्रीलिटिगेशन और न्यायालयों में लंबित दोनों प्रकार के मामलों पर प्रभावी होगी।
पात्र श्रेणी और प्री-लिटिगेशन में राहत
इस छूट योजना के दायरे में निम्नदाब श्रेणी के सभी घरेलू और कृषि उपभोक्ता शामिल किए गए हैं। इसके अलावा 5 किलोवाट तक के गैर-घरेलू और 10 अश्वशक्ति भार तक के औद्योगिक उपभोक्ताओं को भी पात्रता दी गई है। प्रीलिटिगेशन स्तर के मामलों में कंपनी द्वारा आंकलित सिविल दायित्व की मूल राशि पर 30 प्रतिशत की कटौती की जाएगी। साथ ही निर्धारण आदेश की तिथि से 30 दिन बीतने के बाद लगने वाले 16 प्रतिशत वार्षिक चक्रवृद्धि ब्याज पर 100 प्रतिशत की पूर्ण छूट प्रदान की जाएगी।
अदालती प्रकरणों पर छूट की अनिवार्य शर्तें
न्यायालयों में लंबित यानी लिटिगेशन स्तर के प्रकरणों में सिविल दायित्व की मूल राशि पर 20 प्रतिशत की राहत मिलेगी। ब्याज की राशि पर यहां भी 100 प्रतिशत की छूट का प्रावधान रखा गया है। उपभोक्ताओं को छूट के बाद बची हुई शेष राशि का एकमुश्त भुगतान करना अनिवार्य होगा। यह लाभ केवल उन्हीं मामलों में मिलेगा जहां सिविल दायित्व की राशि 10 लाख रुपये तक है। साथ ही यह रियायत सिर्फ प्रथम बार के विद्युत चोरी के प्रकरणों के लिए ही मान्य होगी। सामान्य बिजली बिलों की बकाया राशि पर कोई भी छूट देय नहीं होगी। पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने उपभोक्ताओं से इस अवसर का लाभ उठाने की अपील की है।
