पुलिस अधिकारियों को लिखित शिकायत देते हुए विपिन तंतुवाया ने आरोप लगाया है कि 28 दिसंबर 2025 को न्यू फौजी ढाबा के लिए 11 महीने का किरायानामा कराया गया था। आरोप है कि इस दौरान 30 हजार एडवांस व लगभग 1.20 लाख किराया लिया गया। बाद में एग्रीमेंट तोड़कर उसी स्थान को किसी अन्य व्यक्ति को दे दिया गया। विपिन ने यह भी आरोप लगाया कि 20 अप्रैल 2026 को उनकी गैरमौजूदगी में आरोपियों ने कर्मचारियों के साथ ढाबे में घुसकर तोडफ़ोड़ और लूटपाट की। इस मामले में एक नया मोड़ तब आया जब आशीष शुक्ला के चाचा विनोद कुमार शुक्ला भी सामने आए। उन्होंने दावा किया कि संबंधित दुकान उनके नाम पर पंजीकृत है। विनोद शुक्ला ने आरोप लगाया कि उनके भतीजे आशीष ने उनकी जानकारी के बिना उनकी दुकान का फर्जी एग्रीमेंट तैयार कर उसे किराए पर दे दिया। विनोद शुक्ला का कहना है कि पहले फर्जी एग्रीमेंट के जरिए दुकान एक किराएदार को दी गई और अब दूसरा फर्जीवाड़ा कर उसी दुकान को एक शराब कारोबारी को किराए पर दे दिया गया है, जबकि संपत्ति का स्वामित्व उनके पास है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में तहसील कोर्ट में भी शिकायत की जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। दोनों पक्षों ने इस मामले की शिकायत पुलिस अधीक्षक कार्यालय में करते हुए उचित कार्रवाई की मांग की है।