जबलपुर। रांझी क्षेत्र में हुए सनसनीखेज हत्याकांड के बाद पुलिस की तफ्तीश में हर दिन नए और चौंकाने वाले तथ्य सामने आ रहे हैं। क्लीरेंस उर्फ राजा एटकिंस की हत्या के मामले में मुख्य साजिशकर्ता के तौर पर पहचाने गए विकास नेल्सन उर्फ बाबा ईसाई की गिरफ्तारी के बाद कई गहरे राज खुलने की संभावना जताई जा रही है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक आरोपी का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड रहा है और उसके तार अंतरराज्यीय हथियार तस्करों से जुड़े होने के संकेत मिले हैं। जांच दल इस समय आरोपियों के मोबाइल लोकेशन और कॉल डिटेल्स खंगालने में जुटा है ताकि इस पूरी साजिश की कड़ियों को आपस में जोड़ा जा सके। घटना के बाद से ही पूरे क्षेत्र में तनाव का माहौल बना हुआ है और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
हत्याकांड की वजह निकली पुरानी रंजिश
राजा एटकिंस की हत्या अचानक हुई घटना नहीं थी बल्कि इसके पीछे लंबे समय से चल रही रंजिश और विवाद को मुख्य कारण माना जा रहा है। जांच में यह बात सामने आई है कि रायपुर की 15 एकड़ कृषि भूमि के लेन-देन को लेकर दोनों पक्षों के बीच काफी समय से विवाद चल रहा था। इसी जमीन के विवाद ने खूनी संघर्ष का रूप ले लिया। घटना वाले दिन राजा एटकिंस अपने 5 वर्षीय बेटे को स्कूल छोड़कर घर लौट रहा था। तभी पहले से घात लगाए बैठे बाइक सवार बदमाशों ने उस पर अंधाधुंध गोलियां चला दीं। दिनदहाड़े हुई इस वारदात से इलाके में दहशत फैल गई। चश्मदीदों के अनुसार हमलावर पूरी तैयारी के साथ आए थे और उन्होंने भागने के लिए पहले से ही रास्ता तय कर रखा था।
फरार आरोपियों की तलाश में छापेमारी
पुलिस ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए अब तक 2 आरोपियों को हिरासत में ले लिया है लेकिन मुख्य आरोपी बाबा ईसाई उसका बेटा प्रिंस नेल्सन और साथी अर्पित कुशवाहा अभी भी कानून की गिरफ्त से बाहर हैं। इन फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की अलग-अलग टीमें गठित की गई हैं जो संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। पुलिस को अंदेशा है कि आरोपी शहर छोड़कर बाहर भागने की फिराक में हैं। फरार आरोपियों के खिलाफ साक्ष्य जुटाने के लिए फॉरेंसिक टीम की भी मदद ली जा रही है। जांच में यह भी पता चला है कि छिंदवाड़ा के 2 युवकों ने वीडियो कॉल के माध्यम से राजा को जान से मारने और बाबा के बेटे से गोली मरवाने की धमकी दी थी।
जेल कनेक्शन और अवैध हथियार नेटवर्क
आरोपियों की कुंडली खंगालने पर पुलिस के हाथ कुछ ऐसे सुराग लगे हैं जो जेल के भीतर सक्रिय गिरोहों की ओर इशारा करते हैं। ऐसी जानकारियां सामने आ रही हैं कि आरोपियों ने पूर्व में जेल में रहने के दौरान कई अपराधियों से संपर्क बढ़ाए थे। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि हत्याकांड को अंजाम देने के लिए हथियार कहां से उपलब्ध कराए गए थे। शुरुआती जांच में कुछ हथियार तस्करों के नाम सामने आए हैं जिनके संपर्क में बाबा ईसाई पिछले कुछ महीनों से था। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि जेल में बंद किन अपराधियों से इन आरोपियों की मुलाकात हुई थी और क्या इस हत्याकांड की योजना जेल की सलाखों के पीछे ही तैयार की गई थी।
आरोपियों के बैंक खातों की जांच
आने वाले दिनों में पुलिस कुछ और लोगों को पूछताछ के लिए नोटिस जारी कर सकती है। जांच का मुख्य केंद्र बिंदु अब उस पूरी चेन को तोड़ना है जो अवैध हथियारों की सप्लाई और अपराधियों को संरक्षण देने का काम करती है। पुलिस की टीमें तकनीकी साक्ष्यों को मजबूत करने के लिए सीसीटीवी फुटेज और साइबर सेल की रिपोर्ट का इंतजार कर रही हैं। आरोपियों के बैंक खातों और हाल के दिनों में हुए वित्तीय लेन-देन की भी जांच की जा सकती है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि इस वारदात के लिए कोई बड़ी फंडिंग तो नहीं की गई थी। इस पूरे प्रकरण में पुलिस का मुख्य उद्देश्य सभी फरार आरोपियों को पकड़कर कानून के कटघरे में खड़ा करना है।
